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कल्याणपुर स्टेशन पर प्रसाद में दिया जहर, वृद्ध दंपति समेत चार बेहोश

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किशन गोपाल। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : FARRUKHABAD
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बेटे के लिए लड़की देखने गए वृद्ध दंपति समेत चार लोगों को कल्याणपुर रेलवे स्टेशन पर प्रसाद में जहर खिला दिया गया। इसके बाद महिला समेत तीन लोग फतेहगढ़ रेलवे स्टेशन पर पड़े मिले।
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तीनों को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि एक वृद्ध महिला को शिवराजपुर के अस्पताल से सोमवार दोपहर में लोहिया अस्पताल लाया गया। जहरखुरान महिला के सभी जेवरात ले गया, जबकि अन्य लोगों के पैसे बच गए।
फिरोजाबाद के मोहल्ला चंद्रवार गेट निवासी किशनगोपाल सक्सेना (70) अपनी पत्नी ऊषा देवी, शहर के मोहल्ला बूरावाली गली निवासी साली लक्ष्मी पत्नी राजीव सक्सेना और मोहम्मदाबाद थाने के गांव पिपरगांव निवासी अखिलेश दीक्षित (48) के साथ बेटे के लिए लड़की देखने रविवार को कानपुर गए थे।
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चारों लोग शाम को कल्याणपुर रेलवे स्टेशन पर बैठे थे कि एक युवक आया। उसने अपना बैग रखा और किशन गोपाल से देखे रहने की कहकर चला गया। कुछ देर बाद आया।
बोला, अभी प्रसाद चढ़ाकर आता हूं। कुछ ही देर में आया, तो उसने चारो लोगों को प्रसाद खिलाया। बमुश्किल पांच-सात मिनट में चारो की हालत बिगड़ने लगी।
इसी दौरान आई कालिंदी एक्सप्रेस ट्रेन पर किशन गोपाल, अखिलेश और लक्ष्मी लड़खड़ाते हुए बैठ गए, जबकि किशन गोपाल की पत्नी ऊषा देवी का पता न चला। इन तीनों लोगों को बेहोशी की हालत में किसी ने फतेहगढ़ रेलवे स्टेशन पर उतार दिया।
रात करीब 11 बजे लक्ष्मी को कुछ होश आया, तो उन्होंने फिरोजाबाद का मोबाइल नंबर किसी को बताया। उस मोबाइल नंबर पर किसी ने किशन गोपाल के घर सूचना दे दी। वहां जानकारी मिलने पर फतेहगढ़ निवासी राजीव कुमार स्टेेशन पहुंच गए।
राजीव कुमार ने तीनों को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया। सुबह में किशन गोपाल की पत्नी ऊषा का शिवराजपुर में भर्ती होने का पता चला। इसके बाद उन्हें भी दोपहर 12 बजे लोहिया अस्पताल लाया गया। अर्द्धबेहोश अखिलेश और किशन गोपाल ने बताया कि प्रसाद ने वाला युवक 35 साल का रहा होगा।
खाते वक्त प्रसाद कड़वा लगा, तो युवक बोला, सौ रुपये का ढाई सौ ग्राम प्रसाद दिया। फिर भी खराब दे दिए। प्रसाद है फेंकना नहीं। बस खाते ही पता नहीं चला क्या हो गया। हालांकि उनके पास जो पैसे थे वह गायब नहीं हुए।
ऊषा कानों में झुमकी और पैरों में पायलें पहने थीं। उन्होंने गले की चेन, तीन-चार अंगूठी, नगदी वाले पर्स में रखकर ब्लाउज में रख ली थीं। नगदी और जेवरात गायब हैं। आशंका है कि ऊषा ने बताया कि एक युवक ने उसे सहारा दिया था। इसके बाद वह कुछ ज्यादा नहीं बता सकीं। इससे लगता है कि युवक जहरखुरान गिरोह का सदस्य ही रहा होगा।
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