कासिमपुर तराई स्थित ढाईघाट पर बना पीपा का पुल ठीक करते समय इसके चार
तख्ते गंगा में गिर गए। इससे आवागमन ठप हो गया। इससे कल्पवास करने वाले लोग
नदी से होकर गुजरने को मजबूर हुए।
ढाईघाट पर कल्पवास के लिए
श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया है। रविवार सुबह कासिमपुर तराई स्थित
ढाईघाट पर बने पीपा का पुल पीडब्लूडी की ओर से ठीक करवाया जा रहा था। तबी
पुल के चार तख्ते टूटकर नदी में गिर गए। इससे आवागमन ठप हो गया।
फलस्वरूप
कल्पवासी गंगा नदी से होकर गुजरे। ट्रैक्टर और बाइकें भी नदी से होकर
गुजरीं। कल्पवास करने आए चंद्रप्रकाश गुप्ता, नरसिंह राम, बाबा शंकरानंद,
प्रदीप कुमार, सुखवीरदास, बाबा रामदास, दयानंद गिरि और महेश गिरि ने बताया
कि 5 जनवरी को मेला का उद्घाटन होना है।
पीडब्लूडी को ऐन समय पर पुल ठीक
करने की याद आई। लापरवाही के चलते चार तख्ते नदी में गिर गए। पीडब्लूडी के
एई महिपाल सिंह ने बताया कि रविवार देर रात तक पुल पर तख्ते जुड़वाकर
आवागमन चालू करवा दिया जाएगा।