फर्रुखाबाद। गुरुग्राम से घर आ रहे एक पेट्रोल पंप कर्मी का शव स्लीपर बस की सीट पर पड़ा मिला। उसके सिर में गहरा घाव होने से खून बह रहा था। इससे हत्या की आशंका जताई जा रही है।
हरदोई जिले के थाना सांडी के गांव नयागांव निवासी रामवरन यादव (45) हरियाणा के गुरुग्राम स्थित एक पेट्रोल पंप पर काम करते थे। बुधवार रात करीब साढ़े 10 बजे श्री शिव गंगा ट्रैवल्स स्लीपर बस से फर्रुखाबाद के लिए रवाना हुए। गुरुवार सुबह सातनपुर स्थित निजी बस अड्डे पर बस पहुंची। यहां एटा जिले के थाना अलीगंज के गांव भरापुरा निवासी चालक विवेक और परिचालक चंदन कुमार ने बस को देखा। तीन नंबर सीट पर रामवरन मृत अवस्था में पड़े थे। इसकी सूचना पुलिस को दी। आईटीआई चौकी प्रभारी विशेष कुमार, कादरीगेट के प्रभारी थानाध्यक्ष कामता प्रसाद, फाेरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। रामवरन के सिर में लगी गहरी चोट से खून निकल रहा था। पीठ पर कुछ अन्य निशान दिखाई दिए। चालक ने बताया कि बस मेरापुर थाने के गांव अचरा खिलवारा निवासी विनीत कुमार की है।
पुलिस को रामवरन के पास मिले मोबाइल से परिजनों को सूचना दी गई। नवाबगंज थाने के गांव सितवनपुर पिथू निवासी बहन सत्यवती मॉर्च्युरी पहुंचीं। उन्होंने बताया कि रामवरन तीन भाइयों में बीच के थे। बड़े भाई रावेंद्र और छोटे हरिश्चचंद्र हैं। उन्होंने बताया कि भाई की शादी नहीं हुई थी। वह बीमार थे। इसीलिए घर आ रहे थे। भाई की हत्या की गई है। उनके पास 60 हजार से अधिक रुपये होना चाहिए था। मगर केवल 6500 रुपये ही निकले हैं।
प्रभारी थानाध्यक्ष कामता प्रसाद ने बताया कि कुछ गोलियां मिलीं हैं। उसकी जांच की जा रही है। सिर में नुकीली चीज लगी है। हो सकता है कि सीट पर लेटे समय कुछ लग गया हो। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हो जाएगा।
हाथ अकड़ना कई घंटे पहले मौत का अंदेशा
पुलिस ने जब रामवरन के शव को बाहर निकाला, तो उसके दोनों हाथ और पेर अकड़ गए थे। हाथ सीधे न होकर सीने पर आड़े तिरछे थे। इससे साफ है कि रामवरन की कई घंटे पहले ही मौत हो गई थी।
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आसपास यात्रियों को भनक न लगना बड़ा सवाल
बस की क्षमता 32 सीट की है, मगर 40 से अधिक यात्री सवार होना बताया जा रहा है। रामवरन तीन नंबर सीट पर लेटे थे। यह सीट बीच में थी। ऊपर-नीचे और पीछे के यात्रियों का आना-जाना लगा रहता है, मगर किसी को भी मौत की खबर न लगना बड़ा सवाल है।