फोटो-33, मकान तोड़ते श्रमिक। संवाद
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फर्रुखाबाद। बढ़ते ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के उद्देश्य से पांचाल घाट उत्तरी बंधे की सड़क को 15 मीटर चौड़ा करने की तैयारी है।
अधिकारियों की ओर से तीन दिन की मोहलत दिए जाने के बाद लोगों ने तेजी से अपने मकानों को तोड़ना शुरू कर दिया है। इससे क्षेत्र में रहने वाले लोग बेघर हो गए। कई किराये पर रहने लगे।
पीडब्ल्यूडी की ओर से मकानों पर निशान लगाए गए हैं। इसके बाद लगभग 80 प्रतिशत लोगों ने अपने मकान खुद तोड़ लिए हैं। बेघर हो चुके कई परिवार अब सड़क चौड़ीकरण की प्रतीक्षा में हैं। माघ मेला श्री रामनगरिया और गंगा स्नान पर्वों पर होने वाली भीड़ के कारण पांचाल घाट पर जाम लग जाता है। इससे लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
हाईवे पर जाम लगने से सीधे तौर पर पांच जिलों के लोग प्रभावित होते हैं। इसको देखते हुए पांचाल घाट पश्चिमी बंधे की सड़क को चौड़ा करने का प्रस्ताव दिया गया। प्रस्ताव मंजूर होने के बाद सड़क चौड़ीकरण का टेंडर भी हो गया। अब सडक किनारे भवनों को हटाने की कवायद जारी है। जिम्मेदार लोगों को स्वयं अपना अतिक्रमण हटाने की मोहलत दे रहे हैं।
शनिवार को पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार बंसल और एसडीएम सदर रजनीकांत पांडेय ने लोगों को अतिक्रमण हटाने के लिए तीन दिन का समय दिया। चेतावनी दी कि यदि अतिक्रमण न हटा तो जेसीबी चलाकर खर्चा वसूला जाएगा। अधिकारियों की चेतावनी के बाद लोगों ने मकानों को और तेजी से तोड़ना शुरू कर दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मकान तोड़ने के बाद भी निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हुआ है। प्रशासन सड़क चौड़ा करने का काम शुरू करने की तारीख भी नहीं बता रहा है। मकान टूटने के बाद कई परिवार अस्थायी झोपड़ियों या किराये के मकानों में रहने लगे हैं। कुछ लोगों ने मकान तोड़ने के एवज में प्रशासन से मुआवजा देने की मांग की।