कोरोना वायरस के चलते तहसील प्रशासन सतर्क है। इसी क्रम में शनिवार को तहसील में आए ग्रामीणों को बाहर निकाला गया। अधिवक्ताओं से भी घर जाने को कह दिया गया।
कोरोना वायरस को रोकने के लिए उप जिलाधिकारी ने तहसील में ग्रामीणों के आने जाने पर रोक लगा दी है। शनिवार को तहसील आए ग्रामीणों को एसडीएम के आदेश पर लेखपाल रमेश चंद्र व होमगार्ड ने ग्रामीणों को घर जाने को कहकर तहसील से निकाल दिया।
ग्रामीणों के साथ अधिवक्ताओं से कहा गया कि अपने घरों पर जाएं, भीड़ से बचें। उप जिलाधिकारी ने बताया कि कोरोना वायरस के चलते तहसील में भीड़ न होने देने के लिए कहा गया है।
अमृतपुर निवासी युवक अपनी पत्नी के साथ पूर्णागिरि गए थे। वहां से वह शुक्रवार शाम को घर पहुंचे। उपजिलाधिकारी के आदेश पर थानाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार सिंह यादव ने घर पहुंच कर युवक से जानकारी भी की थी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन लोगों की जांच नहीं की गई है। उपजिलाधिकारी का कहना है कि इन सभी को घर में रहने की हिदायत दी गई है।
कोरोना वायरस से बचाव के लिए शनिवार को एसडीएम व सीओ ने सर्किल के फोर्स के साथ नगर में रूट मार्च किया। इस दौरान एनाउंस कर कहा गया कि निर्धारित मूल्य से अधिक पर मास्क या सैनिटाइजर बेचने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। 10 रुपये मास्क व 100 रुपये सैनिटाइजर का मूल्य तय किया गया है।
शनिवार को एसडीएम अमित आसेरी व सीओ राजवीर सिंह गौर व सर्किल का फोर्स कोतवाली में जमा हुआ। यहां से सभी रूट मार्च के लिए निकले। ट्रांसपोर्ट चौराहा होते हुए पृथ्वी दरवाजा, लोहाई बाजार, बजरिया होते हुए पुल गालिब तिराहे तक पहुंचे।
पुलिस फोर्स के पीछे चल रही गाड़ी से एनाउंस किया गया कि जनता कर्फ्यू में सभी लोग अपना योगदान दें। किसी खाने पीने की चीज का भंडारण न करें। जो भी दुकानदार भाव से अधिक में कोई सामान बेंचें तो इसकी सूचना प्रशासन को दें। ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम ने अपील की कि सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक सभी लोग अपने अपने घरों में ही रहें। साबुन और पानी से बार-बार हाथ धोएं और किसी से हाथ न मिलाएं। सर्दी खांसी और सांस फूलना हो तो डॉक्टर से परामर्श करें। यह जनता द्वारा खुद पर लगाया गया कर्फ्यू होगा।