फर्रुखाबाद। कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को पेंशन दिवस पर हुई गोष्ठी में पेंशनरों ने सहूलियतों की मांग रखी। डीएम एसके सिंह ने इनसे इस बाबत प्रस्ताव मांग लिए हैं। डीएम ने कहा कि पेंशनर रचनात्मक कामों में लगें। एक एक गांव गोद लें। गांव के लोगों को पढ़ाई लिखाई के लिए जागरूक करें।
जिले में 9996 पेंशनर हैं। 17 दिसंबर को सूबे की सरकार ने पेंशनर दिवस घोषित किया है। यहां दिवाकरनंद दुबे ने कहा कि पेंशन दान नहीं, हक है। पेंशनरों को सहूलियतें मिलनी चाहिए। पेंशन का सरलीकरण किया जाए। राजकीय पेंशनर्स एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष शेष नरायन सचान ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद पेंशनरों को फंड व एरियर के लिए भटकाया न जाए। स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त हुए राजकुमार को 2008 से अब तक जीपीएफ नहीं मिला है। इन्हें हक मिलना चाहिए।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष अखिलेश अग्निहोत्री ने कहा कि पेंशन का सरलीकरण किया गया है। 1985 से पहले पेंशनरों को बड़ी दिक्कत का सामना करना पड़ता था। आगे और संभावनाएं हैं। डीएम एसके सिंह ने पेंशनरों की सहूलियत के लिए प्रस्ताव मांगे। उन्होंने कहा कि पेंशनरों को एक ऐसा कार्ड जारी होना चाहिए जिसमें उनका पूरा डाटा रहे। पेंशनर सरकारी कार्यालयों में किसी भी समस्या से उन्हें अवगत करा सकते हैं।
इस मौके पर वरिष्ठ कोषाधिकारी श्रीनिवास शुक्ल, सिटी मजिस्ट्रेट शिव बहादुर सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी ललिता यादव, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. पुष्प कु मार, डीडी कृषि एके सिंह, डीआईओएस भगवत पटेल, उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ अध्यक्ष राकेश सारस्वत आदि मौजूद रहे।