फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की भीड़ और पहले दिखाने की होड़ में आर्थो सर्जन के कक्ष में मरीज भिड़ गए। स्थिति बिगड़ते देख डॉक्टर कुर्सी छोड़कर चले गए। फरियाद के बाद सीएमएस ने गार्डों की फटकार लगाई। इसके बाद मरीजों की लाइन लगाकर इलाज किया गया। पर्चा काउंटर पर भी धक्का-मुक्की होती रही।
लोहिया अस्पताल की ओपीडी में सोमवार सुबह करीब आठ बजे से ही मरीजों का पहुंचना शुरू हो गया। 10 बजे तक पर्चा काउंटर पर लंबी कतारें लग गईं। पंजीकरण, पर्चा काउंटर से लेकर डॉक्टरों के यहां भी मरीजों की लंबी कतारों में धक्का-मुक्की होती रही। दोपहर करीब 12 बजे आर्थो सर्जन डॉ. नीरज वर्मा कक्ष के बाहर महिला-पुरुष मरीजों की लंबी कतारें लग गईं। पहले दिखाने के चक्कर में मरीजों में धक्का-मुक्की व हाथापाई हो गई।
कक्ष में स्थिति बिगड़ते देख डॉक्टर अपनी सुरक्षा के चलते कुर्सी से उठकर सीएमएस के कमरे में पहुंच गए। उन्होंने हालात से अवगत कराया।
सीएमएस ने ओपीडी के गार्डों को फटकार लगाकर मरीजों की लाइन लगवाई। ओपीडी में 635 मरीज पहुंचे। इनमें से सबसे अधिक मरीज खांसी, जुकाम व बुखार संबंधी रहे। पर्चा काउंटर पर भी मरीजों की लंबी कतारों के चलते धक्का-मुक्की होती रही।
इनसेट
ऑनलाइन पंजीकरण कराने में छूटता पसीना
अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को ऑनलाइन पंजीकरण में पसीना छूट जाता है। पंजीकरण काउंटर पर मात्र एक कर्मचारी तैनात किया गया है, जबकि पर्चा बनाने वाले दो से तीन काउंटर चलते हैं। इस वजह से एक मरीज का ऑनलाइन पंजीकरण करने में काफी समय लग जाता है। पंजीकरण के बाद पर्ची लेकर जाते ही चंद सेकेंड में पर्चा का प्रिंट मिल जाता है। यदि ऑनलाइन पंजीकरण काउंटर पर कर्मचारी बढ़ें तो मरीजों को आराम संभव है।
बोले जिम्मेदार
सर्दी में मरीज 10 बजे के बाद तेजी से बढ़ते हैं। इसीलिए भीड़ हो जाती है। वह व्यवस्था सुधार के लिए प्रयास करेंगे। गार्डों को भी सख्त निर्देश देंगे कि जिस डॉक्टर के कक्ष में अधिक भीड़ हो, वहां विशेष नजर रखें। आगे से डॉक्टर को कुर्सी से उठने की जरूरत नहीं पड़ेगी।’
- डॉ. राजकुमार गुप्त, सीएमएस लोहिया पुरुष अस्पताल