इलाहाबाद पैसेंजर ट्रेन का इंजन शंटिंग करते समय मालगाड़ी से टकरा गया।
इससे इंजन और सात वैगन क्षतिग्रस्त हो गए। जानकारी होने पर रेलवे विभाग के
आलाधिकारी मौके पर पहुंचे। मामले की जांच में ड्राइवर की लापरवाही सामने आई
है। इस घटना के एक घंटा बाद रूट दोबारा चालू हो सका।
सोमवार की देर
शाम इलाहाबाद से पैसेंजर ट्रेन फर्रुखाबाद स्टेशन आई। करीब 7:30 बजे लोको
पायलट लालमणि इस ट्रेन के इंजन को शंटिंग के लिए ले जा रहे थे। उधर, मथुरा
से कानपुर जाने के लिए मालगाड़ी रेलवे ट्रैक नंबर तीन पर आ रही थी। इस कारण
शंटिंग वाले इंजन को सिग्नल नहीं दिया गया लेकिन लोको पायलट ने ध्यान नहीं
दिया। वह इंजन को शंटिंग प्वाइंट पश्चिमी रेलवे क्रासिंग के आगे तक ले
गया।
इससे इंजन मालगाड़ी के वैगन से जा टकराया। इससे जोरदार आवाज हुई तो
आसपास के लोग घरों से बाहर आ गए। इस हादसे से मालगाड़ी के 7 वैगन के हेड
ब्रेक टूट गए। पैसेंजर के इंजन का हाउसपाइप फटने के साथ पायदान भी
क्षतिग्रस्त हो गया।इस पर ड्राइवर अवधेश ने मालगाड़ी रोक दी। जानकारी पर
स्टेशन मास्टर जयप्रकाश श्रीवास और सहायक स्टेशन मास्टर परमेश्वरदयाल के
अलावा जीआरपी एसओ मिथुन दीक्षित, आरपीएफ चौकी प्रभारी आरपी सिंह मौके पर
पहुंचे। घटना की जानकारी अधीक्षक ने कंट्रोल रूम को दी।
अधीक्षक ने
दुर्घटनाग्रस्त इंजन को मौके से हटवाया। तब जाकर मालगाड़ी को रेलवे ट्रैक
नंबर तीन पर लिया गया। जानकारी पर रेलवे के सीनियर डीएमई नवीन शर्मा के
अलावा ज्ञानप्रकाश मौके पर पहुंचे। अफसरों ने लोको ड्राइवर के बयान लिए।
अभी तक की जांच में लोको पायलट की लापरवाही सामने आई है। स्टेशन अधीक्षक ने
बताया कि मालगाड़ी कोटा से रोजा शाहजहांपुर जा रही थी। इसमें नमक लदा था।
यात्रियों ने किया हंगामा, गाड़ियां रोकीं
फर्रुखाबाद।
हादसे के कारण कानपुर-मथुरा रेल मार्ग एक घंटे बाधित रहा। मालगाड़ी के बीच
में खड़े होने के कारण रेलवे विभाग ने कासगंज से फर्रुखाबाद आने वाली
पैसेंजर ट्रेन को शमसाबाद स्टेशन पर खड़ा कर दिया। लखनऊ जयपुर एक्सप्रेस को
फतेहगढ़ स्टेशन पर रोक दिया गया। इसके बाद शिकोहाबाद से कासगंज जाने वाली
ट्रेन फर्रुखाबाद स्टेशन पर रोकी गई। इन ट्रेनों के रास्ते में खड़े होने
के कारण स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने जमकर हंगामा किया।