पांडेश्वरनाथ मंदिर में झालर लगाते कर्मचारी।
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फर्रुखाबाद। लगभग 50 वर्ष बाद धृति योग में सावन का पहला सोमवार पड़ेगा। इस योग में पूजा-अर्चना करने पर भोले भंडारी की विशेष कृपा बरसती है। उधर, रविवार देर रात तक शिव मंदिरों में सफाई और सजावट होती रही।
पुजारी गोपाल शर्मा ने बताया कि सावन के पहले सोमवार को मंदिर के कपाट भोर 4.15 बजे खोल दिए जाएंगे, जो देर रात 12 बजे के बाद तक खुले रहेंगे। भोर की आरती के बाद दोपहर को भगवान शिवजी की भव्य झांकी सजाई जाएगी।
सोमवार को भक्तों की सुविधा के लिए बैरीकेटिंग की भी व्यवस्था की जाएगी। आचार्य योगीराज दुबे (कमालगंज) ने बताया कि इस बार सावन का पहला सोमवार धृति योग में पड़ रहा है। यह योग लगभग 50 वर्षों बाद बन रहा है।
धृति योग में पड़ने वाला सावन का पहला सोमवार विशेष फलदायी माना जाता है। इस दिन व्रत रखने और विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ का पूजन करने से व्यापार में वृद्घि, रोग व कर्ज से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख व संपन्नता आती है।
उधर, शहर के रेलवे रोड स्थित प्रमुख पांडेश्वरनाथ मंदिर में साफ-सफाई चल रही थी। इसके साथ ही डेकोरेशन कर्मचारी रंग-बिरंगी झालरों से मंदिर को सजा रहे थे। घुमना कोतवाली के पीछे स्थित प्रसिद्घ कोतवालेश्वर नाथ मंदिर में भी साज-सज्जा की तैयारी की जा रही थी।
इसके अलावा पुठरी स्थित शिव मंदिर, नया कोठा पार्चा स्थित द्वादश ज्योर्तिलिंग मंदिर और तामेश्वरनाथ आदि मंदिरों में भी सफाई होती रही।