फर्रुखाबाद। परिषदीय विद्यालयों में धनराशि खातों में पहुंचने के बाद भी अधिकतर विद्यार्थी बिना यूनीफार्म के स्कूल आ रहे हैं। बच्चे जूता-मोजा व स्वेटर भी नहीं पहनकर आते। इसके पीछे कारण है कि अधिकतर अभिभावकों ने धनराशि अपनी निजी काम में खर्च कर ली।
नगर क्षेत्र के कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय रंगसाजान में बच्चे बैठे थे। स्वेटर कुछ ही बच्चे पहनकर आए थे, जबकि अधिकतर बच्चों के पास जूते-मोजे नहीं थे। एक छात्रा की शर्ट व छात्र की पैंट फटी थी। प्रधानाध्यापक सुनीता देवी ने बताया कि पंजीकृत 122 में 59 बच्चों के अभिभावकों के खातों में ही धनराशि गई है।
कुटरा कॉलोनी निवासी तुलसी देवी ने बताया कि बिटिया कक्षा छह में पढ़ती है। अभी जूता-मोजा व स्वेटर नहीं खरीदा, यूनीफार्म खरीद ली है।
प्रधानाध्यापक ने बताया कि अभिभावकों की बैठक कर उनसे मिली धनराशि से यूनीफार्म व स्वेटर आदि खरीदने को कहती हैं। उधर, स्कूलों में 1.49 लाख पंजीकृत बच्चे हैं। 1.22 लाख अभिभावक धनराशि प्राप्त कर चुके हैं।
पापा ने कहा, तनख्वाह आते ही खरीद देंगे स्वेटर
जहानगंज। कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय जहानगंज में कक्षा छह व कक्षा पांच के अधिकतर बच्चे पुरानी यूनीफार्म पहने थे। स्वेटर तो तीन-चार बच्चे ही पहनकर आए थे। अधिकतर बच्चे चप्पलें पहनकर आए थे।
इंचार्ज प्रधानाध्यापक कुलदीप कुमार पंजीकृत 175 में 159 बच्चों के खातों में धनराशि गई है। कक्षा छह में पढ़ने वाली एक छात्रा ने बताया कि पापा के खाते में रुपये तो आ गए, लेकिन वे घर में खर्च हो गए। पापा ने कहा है कि तनख्वाह मिलते ही स्वेटर आदि खरीद देंगे। (संवाद)
रुपये तो आए, मगर दूसरे काम में खर्च हो गए
शमसाबाद। प्राथमिक विद्यालय कटिया में बिना स्वेटर व मोजा पहने अधिकतर नौनिहाल बैठे थे। कुछ तो बिना यूनीफार्म के ही आए थे। प्रधानाध्यापक प्रधानाध्यापक विजेंद्र नाथ ने बताया कि 82 बच्चे पंजीकृत हैं, जिनमें 35 के खाते में धनराशि आई है।
कक्षा पांच के छात्र के पिता राधेश्याम ने बताया कि यूनीफार्म के रुपये तो आ गए थे, लेकिन वे दूसरे काम में रुपये खर्च हो गए। कक्षा पांच के छात्र के पिता केवल कुमार ने बताया कि जूता-मोजा व स्वेटर नहीं खरीदे हैं। यूनीफार्म सिलने के लिए डाल दी है। (संवाद)
यूनीफार्म व स्वेटर की धनराशि सीधे अभिभावकों के खातों में जाती है। प्रधानाध्यापकों से कह रखा है कि वे अभिभावकों को यूनीफार्म आदि खरीदने के लिए जागरूक करें। लगभग 27 हजार अभिभावकों के खातों में धनराशि जाना बाकी है, जिसकी सूची परिषद को भेज दी गई है।
- विश्वनाथ प्रताप सिंह, बीएसए
फोटो-23कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय में बिना स्वेटर व मोजा पहने बैठे बच्चे। संवाद- फोटो : रामपुर मथुरा के दुर्गापुर तौल केंद्र पर खड़ी ट्रालियां।
फोटो-23कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय में बिना स्वेटर व मोजा पहने बैठे बच्चे। संवाद- फोटो : रामपुर मथुरा के दुर्गापुर तौल केंद्र पर खड़ी ट्रालियां।