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पंचायत चुनाव : 86 गांव की मतदाता सूची में गड़बड़ी, संस्था होगी ब्लैकलिस्ट

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फर्रुखाबाद। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए बनाई गई मतदाता सूची में 86 गांव में गड़बड़ी पाए जाने पर संस्था को ब्लैकलिस्ट कर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। गड़बड़ी की शिकायत पर तत्कालीन जिलाधिकारी ने सभी तहसीलों के एसडीएम न्यायिक से जांच कराई थी।
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जनपद में 580 ग्राम पंचायतें हैं। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारी के चलते मतदाता पुनरीक्षण अभियान चलाया गया। मतदाता सूची की फीडिंग की जिम्मेदारी धानी इन्फोटेक सर्विसेज फतेहगढ़ को सौंपी गई थी। राजेपुर ब्लॉक क्षेत्र के गांव हरिहरपुर वीरपुर निवासी चंदन सिंह ने 29 दिसंबर 2025 को जिलाधिकारी से शिकायत की कि बिना जांच के 70 मतदाताओं के नाम काट दिए गए और 200 नए मतदाताओं के नाम जोड़े ही नहीं गए। इस पर तत्कालीन जिलाधिकारी ने सभी तहसीलों के एसडीएम न्यायिक की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर जांच कराई। इसममें सभी ब्लॉक की 86 ग्राम पंचायतों में गड़बड़ी की पुष्टि हुई। ब्लॉक बढ़पुर की छह ग्राम पंचायतों में परिवर्धन, विलोपन व संशोधन कार्य नहीं किया गया। मोहम्मदाबाद की दो ग्राम पंचायत में परिवर्धन, विलोपन का कार्य नहीं हुआ। कमालगंज की 10 ग्राम पंचायतों में परिवर्धन, विलोपन व संशोधन कार्य नहीं किया गया। कायमगंज की 15 व नवाबगंज की 13 ग्राम पंचायतों में परिवर्धन, विलोपन कार्य, शमसाबाद की 12 ग्राम पंचायतों में विलोपन नहीं किया गया। वहीं राजेपुर की 28 ग्राम पंचायतों में परिवर्धन, विलोपन व संशोधन कार्य नहीं हुआ। वहीं ग्राम पंचायत गूजरपुर पमारान, हरसिंहपुर गहलवार, महमदपुर गढि़या, शेराखार गौटिया, अलीगढ़ मोहद्दीपुर, कड़क्का, किराचन, अमैयापुर की अनंतिम मतदाता सूची का मिलान करने पर पता चला इन ग्राम पंचायतों में अतिरिक्त परिवर्धन व विलोपन कार्य किया गया है। गड़बड़ी की पुष्टि होने पर एडीएम ने नोटिस देकर जवाब मांगा। इस पर धानी इन्फोटेक सर्विसेज की प्रोप्राइटर धानी बाजपेई ने दो जून को दिये जवाब में कहा कि कलक्ट्रेट स्थित जिला निर्वाचन कार्यालय में कराई गई फीडिंग की मॉनीटरिंग के लिए तीन अन्य कर्मचारी नामित किए गए। इसमें वरिष्ठ सहायक व कॉल सेंटर ऑपरेटर की निगरानी रही। महिला होने से रात में फीडिंग कार्य न देख पाने के संबंध में उन्होंने पहले ही प्रत्यावेदन दिया था, जिसे अनदेखा कर दिया गया। उन्होंने फीडिंग में पाई गई विसंगतियों के संबंध में साक्ष्य सहित पक्ष रखने का मौका मांगा है। यह भी बताया कि मतदाता सूची में नाम काटने व बढ़ाने से पहले एसडीएम सत्यापित करते हैं, फिर वह कहां से दोषी हो गईं। एडीएम अरुण कुमार सिंह ने बताया कि मतदाता सूची में गड़बड़ी करने के मामले में कार्यदायी संस्था को ब्लैकलिस्ट कर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। कार्रवाई की फाइल तैयार हो गई है।
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