फर्रुखाबाद। इटावा-बरेली हाईवे स्थित पांचाल घाट (लोहिया सेतु) पुल की मरम्मत पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। 18 जुलाई को वन-वे व्यवस्था समाप्त कर दोनों ओर से यातायात शुरू किए जाने के महज चार दिन बाद ही पुल का एक ज्वाइंट फिर क्षतिग्रस्त हो गया। यह वही ज्वाइंट है, जिसकी सबसे अंत में मरम्मत की गई थी। इससे पहले भी इसी स्थान पर अस्थायी रूप से लोहे की मोटी चादर डालकर आवागमन सुचारु कराया गया था।
वर्ष 1970 में निर्मित करीब 56 वर्ष पुराने इस पुल की आयु पूर्व में हुए सर्वे के अनुसार पूरी हो चुकी है। इसके स्थान पर फोरलेन पुल निर्माण को मंजूरी भी मिल चुकी है लेकिन नया पुल बनने तक पुराने पुल पर लगातार मरम्मत का सिलसिला जारी है। 6 से 18 जुलाई तक मरम्मत के चलते पुल पर वन-वे ट्रैफिक लागू रहा। इससे यात्रियों को घंटों जाम से जूझना पड़ा। मरम्मत पूरी होने के बाद 18 जुलाई को पुल को दोनों ओर से यातायात के लिए खोल दिया गया लेकिन कुछ ही दिनों में ज्वाइंट दोबारा खुल जाने से मरम्मत की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार अस्थायी मरम्मत से समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो रहा है। एनएचएआई के साइट इंजीनियर विश्वास मिश्रा ने बताया कि लगातार बारिश के कारण पुल पर पानी भर गया। इससे ज्वाइंट दोबारा खुल गए। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त हिस्से की जल्द ही दोबारा मरम्मत कराकर पुल को सुरक्षित बनाया जाएगा।