फर्रुखाबाद। रविवार देर रात शुरू हुई मूसलाधार बरसात से शहर का ज्यादातर हिस्सा टापू में तब्दील हो गया। नगर पालिका की नाला सफाई व्यवस्था की पोल खुलकर सामने आ गई। शहर की ऐसी कोई गली व मोहल्ले नहीं बचे थे, जहां जलभराव न हुआ हो। कई मोहल्लों में घरों और दुकानों में गंदा पानी घुस गया। कहीं दीवारें गिरीं तो कहीं मकान दरक गए। सोमवार को भी पूरे दिन बारिश होती रही। शमसाबाद में दीवार गिरने से महिला जख्मी हो गई। वहीं अद्दूपुर क्रासिंग पर अंडरग्राउंड सड़क पर दो मीटर तक पानी भरने से कई गांवों के लोग 10 किमी का चक्कर काटकर घरों को पहुंचे।
सोमवार रात करीब 2:30 बजे मूसलाधार बरसात शुरू हुई, जो सुबह करीब 6 बजे बंद हुई। मूसलाधार बरसात होने से शहर के सैकड़ों मोहल्लों में जलभराव हो गया। पानी बंद होने के एक-डेढ़ घंटे बाद भी जलभराव खत्म नहीं हो सका। जलभराव का आलम यह था कि कई दुपहिया और चौपहिया वाहन डूब गए। पल्ला सब्जी मंडी स्थित सुरसा देवी मंदिर के अंदर पानी घुस गया, जिससे दर्शनार्थियों को दिक्कतें हुईं।
यहीं पर विनय दुबे के साइबर कैफे और घर के अंदर तक पानी पहुंच गया। विनय का कहना था कि बरसात में हर बार उनके यहां पानी भर जाता है। इसके साथ ही पल्ला सब्जी मंडी में किराना दुकानदार सुरेश राठौर, मुकेश कुमार और अशोक की दुकानों में पानी भरने से सामान भीग गया। इनका कहना था कि बरसात का पानी घुसने से दाल, चावल और घी आदि रोजमर्रा की वस्तुओं को नुकसान हुआ है।
मोहल्ला पलरिया में नकुल पांडेय के घर के बाहर खड़ी उनकी इंडिको कार पूरी तरह डूब गई। बागकूंचा वाली गली में घरों के बाहर खड़े दुपहिया वाहन भी डूब गए। पलरिया में नितेश की मिठाई की दुकान में पानी घुस गया। इससे उसकी सारी मिठाई खराब हो गई। मोहल्ला जटवारा, गंगा नगर कालोनी नाला किनारे और दिल्ली ख्याली कूंचा में लोगों के घरों के अंदर पानी घुसा। बरसात में गलियों में जलभराव से कई राहगीर गिरकर चुटहिल भी हुए।
कच्ची दीवार गिरने से बालक की मौत
मोहम्मदाबाद। मकान की कच्ची दीवार गिरने से मलबे में दबकर बालक की मौत हो गई। कोतवाली क्षेत्र के गांव रसूलपुर सिनौढ़ा पृथ्वी निवासी योगेंद्र सिंह के दो मकान हैं। एक मकान गांव के अंदर है। मंगलवार की सुबह योगेंद्र सिंह ने अपने बेटे रिषी कुमार (4) से गांव वाले मकान से छाता लेकर आने की बात कही। इस पर रिषी छाता लेने के लिए जा रहा था। उस समय नंदकिशोर की कच्ची दीवार भरभरा कर रिषी पर गिर पड़ी। इससे वह दीवार के मलबे में दब गया।
हादसे के बाद लोग और परिवारीजन मौके पर पहुंच गए। आननफानन में मलबे से रिषीकुमार को बाहर निकाला गया। इस दौरान उसकी मौत हो चुकी थी। शव को देखकर पिता और मां रजनी देवी को रो रोकर बुरा हाल हो गया। विधायक नागेंद्र सिंह राठौर, कोतवाल संजीव सिंह राठौर, तहसीलदार अशोक कुमार चौधरी मौके पर पहुंच गए। विधायक ने परिजनों को बताया कि शव का पंचनामा भराकर उसका पोस्टमार्टम कराएं। पीड़ित परिवार को जो भी आर्थिक मदद होगी दिलाई जाएगी। इसके बावजूद परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। इसके बाद पुलिस ने केवल पंचनामा भर कर शव को परिजनों के हवाले कर दिया। योगेंद्र सिंह के एक छोटा बेटा बिन्नी है। परिजनों ने दोपहर को शव का अंतिम संस्कार कर दिया।