फोटो -02,सीएचसी में बंद पड़ा ऑक्सीजन प्लांट ,संवाद
मोहम्मदाबाद। लापरवाह प्रबंधन के चलते सीएचसी में लाखों के संसाधन निष्प्रयोज्य हैं। अतिरिक्त वार्ड में मरीज भर्ती करने के लिए बेड तक नहीं हैं। ऑक्सीजन प्लांट भी बंद पड़ा है।
मोहम्मदाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर स्टाफ न होने से संसाधन निष्प्रयोज्य साबित हो रहे हैं। करीब 50 लाख रुपये की लागत से तीन वर्ष पूर्व लगा ऑक्सीजन प्लांट बंद है। क्षमता के मुताबिक जनरेटर न होने से यह प्लांट चलने में भी असमर्थ है। सीएचसी में एक्सरे मशीन होने के बावजूद कक्ष में ताला लटक रहा है। एक्सरे टेक्नीशियन की तैनाती न किए जाने से मरीजों को बाहर से एक्सरे कराना पड़ रहा है।
यहां बेहतर जांच के लिए करीब 50 लाख रुपये से बनाई गई ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट तैयार होने के बावजूद संचालित नहीं की गई। इसके लिए लाखों रुपये से खरीदी गईं जांच मशीनें पुरानी लैब में ही लगा दी गईं। सीएचसी की 20 बेड की क्षमता बढ़ाने के लिए करीब 20 लाख रुपये से अतिरिक्त वार्ड का निर्माण कराया गया।
करीब दो वर्ष बीतने के बावजूद इस वार्ड में मरीज भर्ती करना तो दूर की बात, बेड तक नहीं डाले गए। इस अतिरिक्त वार्ड को विभागीय बैठक में हॉल के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
सीएचसी में प्रभारी सहित तीन डॉक्टरों की तैनाती है। ओपीडी में अक्सर डॉक्टर गायब रहने से फार्मासिस्ट ही मरीज देखकर दवाई भी देता है। सीएचसी प्रभारी ने बताया कि एक्सरे टेक्नीशियन न होने से एक्सरे सेवा करीब एक वर्ष से बंद है। ऑक्सीजन प्लांट के मामले की वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी जा चुकी है।
सीएचसी के नोडल अधिकारी डिप्टी सीएमओ डॉ.आरसी माथुर ने बताया कि वह जिलाधिकारी की बैठक में जा रहे हैं। इससे अभी कुछ बताने की स्थिति में नहीं हैं।