लोहिया अस्पताल में आपातकालीन कक्ष में लगी सेंटर ऑक्सीजन पाइप लाइन।
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फर्रुखाबाद। डॉक्टर राम मनोहर लोहिया अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड में सेंट्रल ऑक्सीजन पाइप लाइन तो बिछा दी गई है लेकिन इस पाइप से बेड तक आपूर्ति नहीं पहुंच रही है। खास बात यह कि अस्पताल के हाकिम को ही इस बात की जानकारी नहीं है। वहीं अस्पताल में नवजात शिशु रोग ईकाई (एसएनसीयू) में 12 नवजात शिशु भर्ती हैं। किसी तरह की परेशानी होने पर इन्हें तत्काल ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के लिए इस महत्वपूर्ण वार्ड में अभी तक सेंट्रल ऑक्सीजन पाइप लाइन नहीं बिछाई गई है।
गोरखपुर में हुई घटना के बाद लोहिया अस्पताल प्रशासन ने आननफानन आपातकालीन कक्ष में आगरा से एक निजी कंपनी के जरिये सेंट्रल ऑक्सीजन पाइप लाइन बिछवा दी, लेकिन यह महज दिखावा साबित हुई। इमरजेंसी कक्ष में चार बेडों के लिए दिए गए चार प्वाइंटों पर किसी में भी ऑक्सीजन नहीं पहुंच रही है। जिस जगह से बेड के लिए ऑक्सीजन आपूर्ति की जाती है वहीं से पाइप लाइन में लीकेज है। अस्पताल की नवजात शिशु रोग ईकाई में 12 नवजात शिशु भर्ती हैं लेकिन इन बच्चों को जरूरत पड़ने पर फौरी तौर पर ऑक्सीजन देने के लिए अभी तक सेंट्रल ऑक्सीजन पाइप लाइन नहीं बिछाई गई है, बल्कि सिलेंडर मंगाकर उपचार किया जाता है। इसे शुरू करने में ही काफी समय बर्बाद हो जाता है।
लोहिया अस्पताल में उमड़ी मरीजों की भीड़
लोहिया अस्पताल में सोमवार को उमड़ी मरीजों की भारी भीड़ के चलते महिला और पुरुषों को अलग-अलग लाइन में लगकर अपना रजिस्ट्रेशन कराना पड़ा। 1500 के आसपास नए रोगियों के रजिस्ट्रेशन किए गए, जबकि 600 रोगी पुराने देखे गए। जगह के अभाव में दो सौ से अधिक मरीजों को दूसरी जगह बैठकर बारी का इंतजार करना पड़ा। मोहम्मदाबाद से आए जगदीश स्वरूप तथा गांव नाहरैया के राम किशन और वंदना ने बताया कि सुबह से ही यहां काउंटर पर भीड़ लगी थी। कर्मचारी कम होने से पर्चे देर से बने।
बोले जिम्मेदार
आपातकालीन कक्ष में लगाई गई सेंट्रल ऑक्सीजन पाइप लाइन खराब होने के संबंध में उन्हें जानकारी नहीं है। समूचे अस्पताल के वार्डों, जिनमें मुख्य रूप से हृदय रोग विभाग, चाइल्ड वार्ड और नवजात शिशु रोग इकाई को सेंट्रल ऑक्सीजन पाइप लाइन से जोड़ने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। अतिशीघ्र इस पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
डॉ. बीबी पुष्कर (मुख्य चिकित्साधीक्षक)।