अधिक वजन वाले पुलिसकर्मी भी होंगे बाहर
फर्रुखाबाद। अनुशासन के महकमे में शासन ने पहली बार फिटनेस को लेकर भी कड़े कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। 50 वर्ष से अधिक उम्र व अस्सी किलो से अधिक वजन वाले पुलिसकर्मी निशाने पर हैं। इनकी सूची बनाई जा रही है। शासन का आदेश आते ही तोंदू पुलिसकर्मी पुलिस लाइन के मैदान में वजन कम करने को पसीना बहाने लगे हैं। कुछ पुलिस कर्मी योग का सहारा ले रहे हैं।
ये है शासनादेश
80 किलो से ऊपर के पुलिसकर्मियों की सूची बनाई जाए। इसमें लंबाई का भी उल्लेख हो। 80 किलो से ऊपर के वजन वाले तोंदू पुलिस कर्मियों को अनफिट माना जाएगा। अभी तक सेना और पैरामिलिट्री फोर्स में फिटनेस को लेकर जवानों के लिए गाइड लाइन होती थी। अब पुलिस की नौकरी में भी फिटनेस को लेकर गाइडलाइन बनाई जा रही है।
वजन अधिक होने से घट जाती है शारीरिक क्षमता
शासन का मानना है कि वजन अधिक होने से शारीरिक क्षमता घट जाती है जबकि पुलिसकर्मी शारीरिक क्षमता का प्रदर्शन करने के बाद ही नौकरी प्राप्त करता है। उसके बाद फिटनेस पर ध्यान नहीं देता और आरामदायक जीवनशैली अपना लेता है। इससे पुलिसकर्मी भारी भरकम और बेडौल हो जाते हैं। मोटापे से पुलिसकर्मियों को ब्लड प्रेशर, दिल संबंधी और डायबिटीज आदि बीमारियां हो जाती हैं। इससे कानून व्यवस्था को कायम रखने में परेशानी होती है।
फिट होने पर ही मिलेगा थाने का चार्ज
शासन ने आदेश में यह भी कहा कि थाने पर चार्ज लेने वाले इंस्पेक्टर व दरोगा का वजन 80 किलो से अधिक होना ही नहीं चाहिए। उनको एक मौका भी अधिकारी दे सकते हैं। वह निर्धारित समय में योग, व्यायाम करके तथा मैदान में दौड़ लगाकर अपना वजन कम कर फिटनेस का प्रमाण पत्र देकर चार्ज पर रह सकता है।
‘शासन का आदेश आया है पचास की उम्र पूरी कर चुके व अस्सी किलो से अधिक वजन के सभी पुलिसकर्मियों की सूची बनाई जा रही है। इसमें सीओ से लेकर सिपाही तक शामिल हैं। गठित कमेटी उनकी फिटनेस की जांच करेगी। उसके बाद कार्रवाई की जाएगी।’ -डॉ. अनिल मिश्र, पुलिस अधीक्षक