जमीन को दबंगों से कब्जा मुक्त कराने के लिए महिला ने बच्चों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर आत्मदाह का प्रयास किया। महिला को खुद पर केरोसिन डालते देख मौके पर मौजूद कर्मचारियों हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन उसे पकड़कर डीएम मोनिका रानी के सामने पेश किया गया। पीड़िता ने बताया कि दो माह से अधिकारियों के यहां चक्कर लगाने के बाद हारकर उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। डीएम ने पीड़िता की शिकायत संबंधित विभाग के अधिकारी के पास भेजकर कार्रवाई के निर्देश दिए। महिला व बच्चों को कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया।
नवाबगंज के गांव वलीपुर निवासी अवनीश की पत्नी प्रेमशीला शनिवार को डेढ़ साल की पुत्री सुरकी और तीन साल के पुत्र भारत सिंह को लेकर कलक्ट्रेट पहुंची। झोले में बोतल में केरोसिन रखा था। डीएम कार्यालय के गेट पर पहुंचते ही महिला खुद पर केरोसिन डालने लगी। कर्मचारियों ने उसे डीएम के सामने पेश किया। डीएम ने एसडीएम और पुलिस को जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए। महिला और बच्चों को फतेहगढ़ कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया। कोतवाली में प्रेमशीला ने बताया कि उसकी जमीन व रास्ते पर गांव के कुछ दबंगों ने कब्जा कर लिया है। विरोध करने पर मापीट कर धमकी दी। इसकी शिकायत थाना, तहसील दिवस, एसपी और डीएम को कई बार दी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पति मजदूरी करता है। दो बच्चे हैं। दबंगों के चलते जीना मुश्किल हो गया है। रास्ता खुलवाने को लेखपाल और कानूनगो से कहा तो उन्होंने 15 हजार रुपये देने पर रास्ता खुलवाने की बात कहीं। आरोप लगाया कि किसी तरह जुटाए 15 हजार रुपये देने के बाद भी कब्जा नहीं हटवाया हड़प लिया।