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धूमधाम से निकली भगवान राम की बारात

Wed, 05 Oct 2016 10:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद
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श्रीराम के साथ हंसी ठिठोली करतीं सीता जी की सखियां। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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नगर के जटवारा स्थित सीपी ग्राउंड पर मंगलवार को रामलीला में श्रीराम व सीता विवाह की लीला हुई। इसको देखने के लिए देर रात तक दर्शक मौजूद रहे।
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सीपी ग्राउंड में चल रही रामलीला में दिखाया गया कि राजा जनक अपनी पुत्री के विवाह के लिए स्वयंवर रखते हैं। इसमें बड़े-बड़े राजा-महाराजा आते हैं। गुरु विश्वामित्र के साथ भगवान राम व लक्ष्मण जनकपुरी पहुंचते हैं। साथ ही लंकापति रावण भी

स्वयंवर में शामिल होने के लिए आता है। भगवान शिव का धनुष तोड़ने के लिए राजकुमारों के साथ रावण भी प्रयास करता है, लेकिन असफल रहता है। राम जैसे ही धनुष उठाते हैं तो वह टूट जाता है। धनुष भंग होते ही जय श्रीराम के उद्घोष गूंजने लगते हैं। इसके साथ ही लक्ष्मण परशुराम संवाद की लीला देख दर्शक भावविभोर हो गए। इस दौरान राम विवाह में कन्यादान व कलेवा का भी आयोजन किया गया।
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कलेवा में दूल्हा बने राम हठ करते हुए भी देखे गए। इस दौरान चंद्र प्रकाश अग्रवाल, नीरज अग्रवाल, हनी अग्रवाल, पवन गुप्ता, सजींव शाक्य, गंगासरन मिश्रा, पिटू राठौर, संजय गुप्ता और उमेश गुप्ता आदि मौजूद रहे। फर्रुखाबाद। शारदीय नवरात्र के अवसर पर गुरुगांव देवी मंदिर में भजन संध्या का आयोजन किया गया। ढोलक की थाप पर महिलाएं जमकर झूमीं। वहीं चौथे दिन भक्तों ने मां कुष्मांडा की आराधना की।


गुरुगांव देवी मंदिर में बुधवार सायं भजन संध्या का आयोजन किया गया। राधेश्याम मिश्र तूफान के संयोजन में आयोजित भजन संध्या में महिलाएं ढोलक की थाप और मजीरे की झंकार पर भजन गायी। मंदिर में आने वाले भक्त मां को चुनरी, शृंगार की वस्तुएं और नारियल चढ़ाकर मनौती मांगी। मंदिर को रंग-बिरंगी झालरों से भव्यता के साथ सजाया गया था।

चौथे दिन भक्तों ने मां कुष्मांडा की पूजा-अर्चना की। इसके अलावा मठिया देवी मंदिर, शीतला देवी मंदिर बढ़पुर, वैष्णों देवी मंदिर भोलेपुर और गमा देवी मंदिर फतेहगढ़ में भी देर रात तक भक्तों की भीड़ लगी रही। श्री रामलीला कमेटी की तरफ से बुधवार को श्रीराम व सीता विवाह लीला का मंचन किया गया।लीला में दिखाया गया कि राजा जनक ने अपने दरबार में धनुष भंग का स्वयंवर रखा।
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दरबार में मौजूद कोई भी राजा धनुष को हिला तक नहीं सका। भगवान राम ने धनुष को भंग कर दिया। धनुष भंग होते ही परशुराम आते हैं और उनका लक्ष्मण से विवाद होने लगता है। भगवान राम बड़ी ही विनम्रता से इसे शांत करते हैं। धनुष भंग व लक्ष्मण-परशुराम संवाद लीला का मंचन देख दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। इस अवसर पर सतीशचंद्र गुप्ता, सतीशचंद्र दुबे, शिवम दुबे, लक्ष्मीकांत, सोनू पाठक और सुंदरम आदि मौजूद रहे।
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