फर्रुखाबाद। एआरटीओ कार्यालय में कार्य विभाजन को लेकर गुरुवार दोपहर दो बजे तक काम बंद रहा। एआरटीओ की हिदायत पर दोपहर बाद लिपिक पटलों पर काम करने लगे।
एआरटीओ कार्यालय में पटलों पर कार्य विभाजन को लेकर कई महीनों से विवाद है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक किसी लिपिक को पूरे काम की जिम्मेदारी सौंपी गई तो किसी को कंप्यूटर भी चलाना नहीं आता है। वहीं कुछ कर्मचारी प्रमोशन के बाद भी दायित्व निर्वहन से पीछे हट रहे हैं। यह पुराना कार्य ही करना चाहते हैं। इसको लेकर
गुरुवार को सभी लिपिक एकत्र होकर एआरटीओ शांतिभूषण पांडेय के पास गए और कार्य का बहिष्कार कर दबाव बनाने का प्रयास किया। इस पर एआरटीओ ने लिपिकों को कड़ी हिदायत दी। काम बंद करने पर उच्चाधिकारियों से शिकायत करने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि सभी को कंप्यूटर सीख कर काम करना पड़ेगा। हालांकि एआरटीओ ने काम बंद ने इनकार किया है।
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सामाजिक दूरी को भूल कोरोना को दे रहे दावत
फर्रुखाबाद। एआरटीओ कार्यालय में सामाजिक दूरी का अनुपालन नहीं हो रहा। डीएल के पटल पर दोपहर तीन बजे लोग सामाजिक दूरी को भूलकर पास-पास खड़े रहे। इनमें कई लोगों ने मास्क भी नहीं लगाया था। पूछने पर लाइन में लगे लोगों ने बताया कि सुबह से सभी पटलों पर काम बंद है। दोपहर बाद काम शुरू हुआ। पटलों पर काम करने वाले कर्मचारियों के पास मास्क तो थे, लेकिन सैनिटाइजर की खाली बोतलें रखी हुई थी। कोविड डेस्क भी नहीं बनाई गई। लोग सीधे कार्यालय में प्रवेश कर लाइनों में लग जाते हैं।