जहानगंज (फर्रुखाबाद)। तीन सैकड़ा समर्थकों के साथ भाजपा सांसद मुकेश राजपूत रविवार को थाने पहुंचे। बिना जांच रिपोर्ट दर्ज करने पर एसओ से नाराजगी जताई। सीओ मोहम्मदाबाद के समझाने पर सांसद वापस चले गए। इस दौरान वह करीब एक घंटे तक समर्थकों के साथ थाने में रुके रहे।
शनिवार की रात भाजपा सांसद मुकेश राजपूत व एसओ अंकुश राघव से मोबाइल पर हुई बातचीत में कहासुनी हो गई थी। सांसद रविवार को लॉकडाउन के दिन तीन सौ से अधिक लोगों की भीड़ को लेकर जहानगंज थाने में पहुंच गए। उनके साथ में भाजपा नेता विमल कटियार, वीरेंद्र सिंह कठेरिया, फतेहचंद्र राजपूत भी थे। सांसद कार से उतर
कर सीधे एसओ अंकुश राघव के कक्ष में पहुंचे। शनिवार की रात हुई बात का जिक्र कर नाराजगी जाहिर की और कहा कि इस तरह कार्रवाई करना ठीक नहीं है। कुछ देर बाद ही सीओ मोहम्मदाबाद सोहराब आलम थाने पहुंचे और सांसद से वार्ता की। कोरोना संक्रमण के बाद भी पहुंची भीड़ को देखकर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। सांसद ने बताया कि वह अपनी कार से आए थे। समर्थकों को पता चला तो वह अपने आप चले आए। एसपी डॉ अनिल मिश्र ने बताया कि थाने में तीन सैकड़ा भीड़ पहुंचने की जानकारी नहीं मिली है। जांच करके कार्रवाई करेंगे।
सांसद के पुत्र , भतीजा समेत 12 लोगों के खिलाफ धारा 147,148,149, 323,504,506,324,337,341व धारा 34 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
जहानगंज। कंपिल थाना क्षेत्र के कुतुबुद्दीनगर निवासी सांसद समर्थक विनोद की तहरीर पर रविवार को विक्रांत उर्फ राना सरकार व उसके दो साथियों के खिलाफ मारपीट के आरोप में एनसीआर दर्ज की गई। इसमें बताया कि साथी शिवकुमार के साथ उसकी बहन के घर छिबरामऊ से शनिवार को वापस आ रहे थे, तभी राना व उसके दो साथियों ने महरूपुर खार गांव के पास उसे रोककर की। इसमें दोनों लोगों के चोटें आई है।
जहानगंज। घायल विक्रांत उर्फ राना सरकार को शनिवार रात 10.30 मिनट पर मेडिकल कराने के लिए पुलिस
कमालगंज सीएचसी रवाना हुई। सीएचसी प्रभारी डॉ मान सिंह वर्मा ने विक्रांत का मेडिकल किया। डाक्टर ने रिपोर्ट में विक्रांत के सात चोटें लगने का जिक्र किया है। इसमें एक चोट कान के पास, मुंह पर दो खरोंच के निशान, कान व गर्दन पर नुकीली वस्तु से आई चोट के निशान, कंधे पर डंडे से आई चोट का निशान, कोहनी व दाहिने कंधे पर भी चोट लगी है। डाक्टर ने बताया कि विक्रांत के कुल सात चोटें आई है।
फर्रुखाबाद। बेटे व भतीजे के खिलाफ दर्ज मुकदमे से क्षुब्ध सांसद ने अधिकारियों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके खिलाफ भी पुलिस को मुकदमा दर्ज कर लेना चाहिए था। उनके समर्थक की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। सांसद जब थाने गए तो काफी देर बहस के बाद पुलिस ने एनसीआर लिखी।
शनिवार शाम सांसद ने सीओ व एसओ से कहा था कि बेटा व भतीजा घटनास्थल से 5 से 15 किमी दायरे में भी हो तो एफआईआर लिख दीजिए। यदि वह सांसद का बेटा और भतीजा है, इसलिए मुकदमा लिखा जा रहा है तो पुलिस उनके खिलाफ भी रिपोर्ट लिख ले। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री या मंत्री पर कोई आरोप लगा दे तो क्या बिना जांच मुकदमा लिखा जाएगा। राना के खिलाफ पहले से ही मुकदमा दर्ज है, खेल के चलते पुलिस ने वह मुकदमा कमजोर करने के लिए रिपोर्ट लिखी है।
सांसद ने कहा कि कंपिल क्षेत्र के गांव कुतुबुद्दीनपुर निवासी सेक्टर अध्यक्ष शिवकुमार के साथ मंडल अध्यक्ष सत्यवर्धन राठौर थाने गए और राना के खिलाफ तहरीर दी तो रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। बल्कि एसओ ने मंडल अध्यक्ष को धमकाया कि सांसद अपने बेटे व भतीजे की सिफारिश कर रहे हैं और किसी की नहीं। इसकी जानकारी पर सांसद मुकेश राजपूत थाने पहुंचे। इसके बाद पुलिस ने शिवकुमार की तहरीर पर मात्र एनसीआर लिखी। सांसद ने कहा कि थानाध्यक्ष पहले कई चौकियों के प्रभारी रह चुुके और आए दिन शिकायतें भी आती रहीं। पहली बार थानाध्यक्ष बने तो साठगांठ के चलते उनके बेटे पर मुकदमा दर्ज कर लिया।
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