फर्रुखाबाद। नवाबगंज थाना क्षेत्र में वर्ष 2023 के कथित अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) तरुण कुमार सिंह-प्रथम ने अंतिम रिपोर्ट (फाइनल रिपोर्ट) खारिज कर दी है। साथ ही शिकायत को परिवाद के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि पीड़िता को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर मिलना चाहिए।
थाना नवाबगंज में एक व्यक्ति ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। सचिन और मोहित राठौर पर अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म, घर में घुसने तथा जाति सूचक गाली-गलौज के आरोप लगाए थे। पुलिस ने 19 नवंबर 2023 को फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। वादी ने न्यायालय में प्रोटेस्ट प्रार्थना पत्र दाखिल कर आरोप लगाया कि विवेचना निष्पक्ष नहीं हुई। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पाया कि पीड़िता के धारा 161 और धारा 164 सीआरपीसी के बयानों में विरोधाभास है। वहीं विवेचना में मोबाइल कॉल डिटेल, चिकित्सीय परीक्षण और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने घटना को संदिग्ध मानते हुए अंतिम रिपोर्ट लगाई थी। अदालत ने पुलिस की फाइनल रिपोर्ट निरस्त करते हुए मामले को परिवाद के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया। वादी का बयान दर्ज करने के लिए 19 अगस्त की तिथि निर्धारित की है।