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आदेश बेअसर, नहीं लिखाई एफआईआर

Fri, 17 Mar 2017 11:27 PM IST
अमर उजाला/फर्रुखाबाद
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यूपी बोर्ड परीक्षा के पहले दिन रोक के बावजूद परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल रखने वाले कक्ष निरीक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश हवाहवाई साबित हुए। फरमान जारी होने के 24 घंटे बाद भी नतीजा जीरो है। सख्ती के साथ नकल रोकने का दावा करने वाले जिला प्रशासन के आला अफसरों का रवैया भी इस मामले में पता नहीं क्यों सुस्त पड़ गया है। चर्चा है कि नकल माफियाओं के दबाव के आगे अधिकारी कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं।


मालूम हो कि गुुरुवार को पंडित जवाहरलाल नेहरू इंटरकालेज जरारी में 11, मेजर एसडी सिंह इंटरकालेज मोहम्मदाबाद में 13 स्मार्ट मोबाइल सेट चालू हालत में मिले थे। तब एसडीएम सदर सुरेंद्र सिंह ने केंद्र व्यवस्थापकों को कक्ष निरीक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए थे।
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डीआईओएस कमलेश बाबू ने भी उप जिला मजिस्ट्रेट के आदेशानुसार रिपोर्ट लिखाने का फरमान सुनाया था। इसके बावजूद केंद्र व्यवस्थापक टस से मस नहीं हुए। शुक्रवार को पूरे दिन थाना पुलिस इंतजार करती रही लेकिन कोई तहरीर देने नहीं गया।


मेजर एसडी सिंह इंटरकालेज मोहम्मदाबाद के केंद्र व्यवस्थापक लाखन सिंह ने बताया कि शनिवार को मोबाइल रखने वाले टीचरों के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई जाएगी। इस मामले में एसडीएम का कहना है कि पहले से ही दिशा निर्देश दे दिए गए थे कि कक्ष निरीक्षक परीक्षा के दौरान मोबाइल नहीं रखेंगे।
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इसके बावजूद परीक्षा अवधि में मोबाइल मिलना गलत है। उनके आदेश का पालन कराना शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है।


डीआईओएस कमलेश बाबू ने बताया कि बोर्ड परीक्षा इन्हीं शिक्षकों से करानी है। उनके पास शिक्षकों की कमी है। यदि रिपोर्ट लिखा देंगे तो परीक्षा में व्यवधान उत्पन्न होगा। उधर जरारी कालेज के केंद्र व्यवस्थापक राजेंद्र शर्मा के फोन पर घंटी जाती रही पर उन्होंने काल रिसीव नहीं की।

 
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