फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल में जुकाम, बुखार व हड्डी के मरीजों को बिना इलाज ही लौटना पड़ा। फिजीशियन रिटायर हो गए हैं। हृदय रोग विशेषज्ञ अवकाश पर चले गए। आर्थो सर्जन भी अस्पताल में नहीं थे। ऐसे में इन बीमारियों से पीड़ित करीब 400 मरीजों को बिना इलाज ही लौटना पड़ा।
लोहिया अस्पताल की ओपीडी में बुधवार को कुल 640 मरीज पहुंचे। इनमें से 250 मरीज खांसी, जुकाम, बुखार और 150 हड्डी रोग से पीड़ित थे। फिजीशियन डॉ. अशोक कुमार के रिटायर होने के बाद खांसी, जुकाम व बुखार के मरीजों का इलाज हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज पांडेय कर रहे थे। बुधवार को वह भी अचानक अवकाश पर चले गए। ऐसे में न तो ओपीडी में मरीज देखे जा सके और न ही वार्डों में भर्ती मरीजों को दवाएं लिखी गईं। पिछले दिन वाली दवाएं ही आगे बढ़ा दी गईं। बदलते मौसम में फैल रहे वायरल से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने पर भी अस्पताल में डॉक्टर की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। इससे मरीजों को भटकना पड़ रहा है।
शासन से फिजीशियन के पद पर डॉ. अरविंद कनौजिया तैनात हैं। वह कई महीने से अस्पताल नहीं आए। उपमुख्यमंत्री के दौरे के दौरान जब सख्ती हुई तो एक नया रास्ता निकाला गया। वह महीने में दो-तीन दिन दिखाई देते हैं। अधिकांश ड्यूटी इमरजेंसी में करते और एक महीने के लिए चले जाते हैं। लिहाजा मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
‘डॉक्टरों की कमी की वजह से दिक्कत है। जैसे-तैसे काम चलाया जा रहा है। जो फिजीशियन तैनात हैं, उनसे ओपीडी करने के लिए कह दिया गया है।’
-डॉ. राजकुमार गुप्त, सीएमएस, लोहिया पुरुष अस्पताल।