कायमगंज। रोडवेज रंग में रंगी बस के चालक व परिचालक यात्रियों को चकमा देकर दिल्ली तक सवारियां ढोने का काम रहे हैं। ऐसी ही सवारियों से भरी एक बस को कोतवाली पुलिस ने टीपी चौराहे के पास पकड़ लिया। पुलिस ने उसके चालक व परिचालक के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर बस को सीज कर दिया है।
प्राइवेट बसों से डग्गामारी का खेल लगातार जारी है। बसों के संचालकों ने इन बसों को रोडवेज रंग से मिलता-जुलता करा दिया है। यात्री इनमें रोडवेज की बस समझकर बैठ जाते हैं। इससे परिवहन विभाग के राजस्व को चूना लग रहा है। बुधवार रात कोतवाली के दरोगा शिवकुमार ने रोडवेज रंग में रंगी बस को आते देखा तो उसे रोका। उसमें 12 सवारियां बैठीं थीं। पूछताछ में सवारियों ने बताया कि वे सरकारी बस समझकर इसमें बैठे हैं। बस पर उत्तर प्रदेश पर्यटक का स्लोगन के साथ दिल्ली तक जाने का बोर्ड लगा रखा है।
पुलिस ने पूछताछ की तो चालक ने अपना नाम शमसाद निवासी शिकारपुर, बुलंदशहर व परिचालक ने अपना नाम रामकुमार निवासी दानपुर, थाना डिबाई बुलंदशहर बताया। चालक ने बताया कि यह बस मोहम्मद उमर निवासी शिकारपुर, बुलंदशहर की है। बस के कागज मांगने पर दिखा नहीं सके। बस को सीज कर दिया गया। पुलिस ने यात्रियों के साथ धोखाधड़ी करने के आरोप में चालक व परिचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।