दो दिन के अवकाश के बाद सोमवार को खुले लोहिया अस्पताल में मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। चार डॉक्टरों के मौजूद न होने से मरीजों को ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ा। डॉ .अशोक ने ओपीडी संभाली और लाइन लगवाकर मरीजों का इलाज किया। महिला अस्पताल में भी एक ही डॉक्टर ने ओपीडी संभाली।
शीत लहर के चलते सर्दी, जुकाम, बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। शनिवार को गणतंत्र दिवस व रविवार को साप्ताहिक अवकाश होने से लोहिया अस्पताल में सोमवार सुबह से ही मरीजों की भीड़ बढ़ गई। पुरुष अस्पताल में डॉ. मनोज पांडेय, डॉ. राजीव तिवारी अवकाश पर थे, जबकि डॉ. शिखर सक्सेना व डॉ. आर्यन सिंह की ड्यूटी दिव्यांग बोर्ड में लगी थी। इसके चलते वह सीएमओ कार्यालय गए थे। फिजीशियन डॉ. अशोक कुमार अपने कक्ष में बैठे तो उसी ओर मरीजों की भीड़ लग गई। अव्यवस्था होते देख मरीजों की लाइन लगवाई गई। इसके बाद दोपहर तक मरीज देखे गए। जल्द दिखाने के चक्कर में मरीज धक्कामुक्की करते रहे।
उधर, महिला अस्पताल में भी मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहां दो डॉक्टर अवकाश पर थी। इसके चलते ईएमओ डॉ. नेहा वेग ने ओपीडी के मरीजों को देखा। लंबी लाइन लगने से मरीजों को काफी इंतजार करना पड़ा।
जीरियाट्रिक वार्ड में पड़ा ताला
गंभीर हालत में मरीजों को जीरियाट्रिक वार्ड में भर्ती किया जाता है। इस वार्ड में सभी संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती है। धरना-प्रदर्शन के चलते संविदा कर्मियों ने काम नहीं किया। इससे वार्ड में कोई मरीज भर्ती न कर ताला लगा दिया गया। इसी तरह पैथालॉजी के संविदा कर्मियों के हड़ताल पर होने से वहां भी जांचें आदि नहीं हो पा रही हैं। इससे मरीज बाहर से जांचें कराने को मजबूर हैं।
संविदा कर्मियों ने धरना देकर आवाज की बुलंद
फर्रुखाबाद। दो दिन के अवकाश के बाद सोमवार को फिर संविदा स्वास्थ्य कर्मी लोहिया अस्पताल परिसर में हड़ताल पर बैठ गए। उन्होंने अपने मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, वह धरने पर बैठे रहेंगे। कहा कि जरूरत पड़ी तो वह आपातकालीन सेवाएं भी ठप कर देंगे। ब्यूरो