फर्रुखाबाद। पुलिस पर दबंगों का दबाव कहें अथवा सेटिंग...। आधीरात को कार का पीछा कर रहे बाइक सवार दबंगों से जान बचाने चौकी में घुसे डॉक्टरों को सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। पुलिस की कार्यशैली का आलम यह रहा कि उन्होंने लहूलुहान डॉक्टरों की तहरीर पर प्राथमिकी लिखने के बजाय दोनों तरफ से एनसीआर लिख ली। डॉक्टर शुक्रवार सुबह एसपी से मिले। एसपी ने थाना पुलिस को आरोपियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। हमलावरों की कोतवाली पुलिस से अच्छी सेटिंग से डॉक्टर दहशत में हैं।
बुधवार रात फतेहगढ़ के मोहल्ला सिविल लाइंस निवासी डॉ. विनीत मिश्रा और सब्जी मंडी निवासी डॉ. राजा वत्सल (50) को रेलवे रोड चौकी के पास सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर 10-12 दबंगों ने पीटा। इसके कई वीडियो वायरल के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरों में भी पूरी घटना रिकार्ड हुई। कोतवाल पुलिस की हमलावरों से सेटिंग ऐसी कि डॉक्टरों की तहरीर पर प्राथमिकी लिखने की बजाय पीड़ितों पर ही एनसीआर लिख ली।
घायल डॉक्टरों की लोहिया अस्पताल में हुए डॉक्टरी परीक्षण में कोतवाली प्रभारी दर्शन सिंह सोलंकी की दोनों डॉक्टर शराब के नशे में होने की बात भी गलत निकली। सिर्फ डॉ. राजा वत्सल में कम शराब होने की पुष्टि हुई थी। रेलवे रोड चौकी के सामने रहने वाले दबंगों से पुलिस की सेटिंग के चलते पीड़ित डॉक्टर एसपी के यहां पहुंचे।
डॉक्टरों ने एसपी आरती सिंह को अपनी पीड़ा सुनाई। एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पीड़ितों के सामने ही थाना पुलिस को फोन पर सख्त निर्देश दिए। कहा कि तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार करें।
सटोरियों को बचाने का पुलिस ने किया पूरा प्रयास
डॉक्टरों के साथ मारपीट करने वालों में कुछ सटोरिए भी बताए जा रहे हैं। उनका रेलवे रोड चौकी के पुलिस कर्मियों के साथ अच्छा गठजोड़ है। लोगों में चर्चा है कि सटोरियों को बचाने के लिए ही पुलिस ने दूसरी तरफ से एनसीआर दर्ज कर ली। डॉक्टरों के साथ ही ऐसी घटना के बाद से शहर कोतवाली पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। कहा जा रहा है कि पुलिस चौकी के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना कैद होने और उसके फुटेज वायरल होने के बाद भी पुलिस ने महज एनसीआर दर्ज की, जबकि डॉ. विनीत मिश्रा के सिर में गंभीर चोट है। इसके चलते पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में है।