महमदगंज मड़ैयन घाट पर क्षतिग्रस्त पैंटून पुल।
- फोटो : महमदगंज मड़ैयन घाट पर क्षतिग्रस्त पैंटून पुल।
कमालगंज। हरदोई मार्ग पर गुरुवार रात गंगा नदी के पैंटून पुल पर शरारती तत्वों ने 38 स्लीपर खोलकर पानी में फेंक दिए थे। इससे दूसरे दिन भी आवागमन बंद रहा। इस बीच पुलिस की सुस्त जांच से लोगों में रोष है।
कमालगंज-हरदोई मार्ग के महमदगंज मड़ैयन घाट पर पैंटून पुल के साढ़े सात मीटर हिस्से को क्षतिग्रस्त कर दिया था। शालवुड लकड़ी के 38 स्लीपर (लकड़ी के पटले) पुल से उखाड़कर गंगा के पानी में फेंक दिए गए थे। दो दिन में खोजबीन के बाद केवल 11 स्लीपर ही मिल पाए। 27 स्लीपर कम होने से अभी मरम्मत का काम चालू नही हो पाया। मामले की तहरीर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने दी थी, लेकिन पुलिस अभी तक मामले का पता नही लगा सकी।
आखिर, 38 स्लीपर उखाड़कर पुल पर आवागमन बंद करने की घटना के पीछे दुर्घटना कराने की मंशा थी या अन्य शरारत। क्योंकि चोरी करने के बजाय स्लीपरों को गंगा के पानी में फेंक दिया गया।
गंगापार हल्का प्रभारी दरोगा गंगा सिंह का कहना है कि वह शुक्रवार को घटना स्थल गए थे। नाव चलाने वालों को थाने बुलाया था पर वह नहीं आए। अब रविवार को वह जाएंगे।