फर्रुखाबाद। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) /अपर सत्र न्यायाधीश रितिका त्यागी ने बालिका से दुष्कर्म के प्रयास के मामले में दोषी विशाल को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
थाना कंपिल क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 26 फरवरी 2022 को शाम के करीब 7:30 बजे उसकी 10 वर्षीय पुत्री दुकान से सामान लेने गई थी। बच्ची दुकान से सामान लेकर घर लौट रही थी। इसी दौरान आरोपी विशाल पुत्री को पैसे देने का लालच देकर एक खाली पड़े मकान में ले गया। वहां आरोपी ने बच्ची के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। बच्ची के शोर मचाने पर वहां से गुजर रहे एक व्यक्ति के पहुंचने पर आरोपी मौके से भाग निकला। बाद में बच्ची ने परिजन को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के बाद आरोपी के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को 22 मई को दोषी करार दिया था। अदालत ने आरोपी पर लगाए गए जुर्माना की आधी धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया।