कोल्ड स्टोरेज में लगी आग को बुझाने पहुंची दमकल।
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मधुमक्खी के छत्ते में पलीता लगाते समय गिरी आग से सहकारी शीतगृह में रखा सामान जलकर राख हो गया। यह शीतगृह कई सालों से बंद है। इसका अधिकांश सामान निकालकर बेच लिया गया है। तकरीबन छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियों ने आग पर काबू पाया।
कसबा में थाने के पास सहकारी शीतगृह है। यह कई सालों से बंद पड़ा है। शनिवार शाम कुछ लोग कोल्ड स्टोरेज में लगा मधुमक्खी का छत्ता तोड़ने आए थे। पलीता लगाते समय आग कोल्ड स्टोरेज के अंदर गिर गई। इससे वहां रखीं फंटियां धीरे-धीरे सुलगने लगीं। रात में आई आंधी से आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। रविवार दोपहर राहगीरों ने पुलिस को कोल्ड स्टोरेज से धुंए के गुबार उठने की सूचना दी। इस पर थानाध्यक्ष प्रदीप यादव दलबल के साथ मौके पर पहुंचे।
उन्होंने तत्काल सूचना फायर ब्रिगेड को दी। फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी आग बुझाने पहुंची। मगर कुछ ही देर में उसका पानी खत्म हो गया और आग पर कोई फर्क नहीं पड़ा। इसके बाद मुख्यालय से दो फायर ब्रिगेड पहुंचे। कुछ देर बाद उनके भी पानी खत्म हो गए। मगर आग ज्यों की त्यों जलती रही। किसी तरह पड़ोस के कोल्ड स्टोरेज से पानी की व्यवस्था कराई गई।
संयोग से उसी समय लाइट भी आ गई। तब ट्यूबवेल चलाकर फायर ब्र्रिगेड को पानी मुहैया कराया गया। 1 बजे से आग बुझाने में लगी तीनों फायर ब्रिगेड गाड़ियों ने शाम लगभग 6 बजे काबू पाया। तहसीलदार सदर आरपी चौधरी, एडीसीओ सदर शिवकुमार और एडीओसी कमालगंज कमलकांत समेत आलाधिकारी मौके पर मौजूद रहे।