फर्रुखाबाए। एआरटीओ कार्यालय में छापे के दौरान अफसर प्राइवेट कर्मचारियों को पहचान नहीं पाए। एडीएम व एएसपी ने कार्यालय के सभी पटलों पर काम की समीक्षा की। आवेदकों से काम के बारे में जानकारी की। एडीएम ने एआरटीओ को सभी पटलों पर समय से काम करवाने के निर्देश दिए।
एआरटीओ कार्यालय में प्राइवेट कर्मचारी व बाहर बैठे दलालों पर शिकंजा कसने के संबंध में शासन ने कड़े दिशा निर्देश दिए थे। गुरुवार को एडीएम सुभाष चंद्र प्रजापति व एएसपी डॉ संजय कुमार अचानक एआरटीओ कार्यालय पहुंचे। एडीएम के निर्देश पर पुलिस ने कार्यालय का मुख्य गेट अंदर से बंद कर लिया।
अधिकारियों ने लाइसेंस के पटल पर काम कर रहे संविदा कर्मी सचिन सिंह से जानकारी की। इसके बाद पंजीयन, टैक्स, वाहन स्थानांतरण व फिटनेस के पटल पर तैनात कर्मचारियों के काम की समीक्षा की। एआरटीओ प्रशासन बृजेंद्र चौधरी जानकारी होने पर कक्ष से नीचे पटलों पर पहुंच गए।
लाइसेंस पटल के बाहर पेड़ के नीचे गंदगी देखकर एडीएम ने नाराजगी जताई। इसके बाद अधिकारी डीबीए राजन के कक्ष में पहुंचे। डीबीए राजन अपना परिचय पत्र लेकर नहीं आए थे। एडीएम ने भविष्य में परिचय पत्र लाकर काम करने के निर्देश दिए। एआरटीओ बृजेंद्र चौधरी के कक्ष में काम करने वाला प्राइवेट कर्मचारी भोला लाल रंग का रिबिन लगाकर परिचय पत्र डालकर खड़ा था।
अधिकारी उसको पहचान नहीं पाए। एडीएम सुभाष चंद्र प्रजापति ने बताया कि कार्यालय के अंदर दलाल नहीं पाए गए। कर्मचारियों के नाम की सूची बना ली गई है। उनकी संविदा का सत्यापन कराया जाएगा। प्राइवेट कर्मचारी के पकड़े जाने पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।