फर्रुखाबाद। गंगा में गिरने वाले नाले को बंद करवाने के लिए षड दर्शन संत समिति का प्रयास रंग लाया। डीएम ने अनशनकारियों से बातचीत कर रातोंरात नाले को बंद करवा दिया। गुरुवार सुबह संतों ने मौके पर जाकर बंद नाले को देख अनशन समाप्त करने की घोषणा की।
गंगा में गिर रहे शहर के गंदे नाले को बंद करवाने के लिए अखिल भारतीय षड दर्शन नागा संन्यासी संत समिति और गंगा समग्र के पदाधिकारी बुधवार को आमरण अनशन पर बैठ गए थे। देर रात अनशनरत साधुओं से बातचीत करने के लिए डीएम, एसपी व तहसीलदार मौके पर पहुंचे। यहां जिलाधिकारी ने संतों से अनशन खत्म करने को कहा। संतों ने एक स्वर में नाले बंद न होने तक अनशन समाप्त न करने की बात कही। इस पर डीएम ने मातहतों को रात में ही जेसीबी लगाकर नाला बंद करवाने के निर्देश दिए।
बुधवार की रात में जेसीबी की सहायता से अधिकारियों ने गंगा की ओर जा रहे नाले का रुख हैवतपुर गढ़िया सोता की ओर मोड़ दिया। इसके बाद अधिकारियों ने अनशन कर रहे संतों को नाला बंद होने की खबर दी। सूचना पर नाला बंद होने की जगह को देखने के लिए संतों का एक प्रतिनिधिमंडल मेला व्यवस्थापक संदीप दीक्षित के साथ मौके पर गया। यहां पर नाले पर बनाए गए बंधे को कटा देखकर संत बिफर गए। उन्होंने अनशन जारी रखने की घोषणा कर दी। मामले की जानकारी पर एसओ मऊदरवाजा सुनील यादव फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। इन्होंने नाले के डायवर्जन का विरोध कर हरे ग्रामीणों को समझाया।
ग्रामीणों के मानने पर दोबारा से नाले पर बंधा बनाकर नाले को गंगा में जाने से रोक दिया गया। नाला बंद होने के बाद सदर तहसीलदार आरपी चौधरी ने आमरण अनशन पर बैठे संतों को गंगाजल पिलाकर अनशन तुड़वाया। अनशनकारियों ने गंगा मैय्या के जयकारे लगाकर अनशन समाप्त करने की घोषण की।
इस मौके पर महंत सोमवार पुरी, विश्वस्वरूप बच्चा स्वामी, गंगा समग्र के जिला संयोजक दिनेश मिश्रा, अभिषेक त्रिवेदी, ज्ञानार्थी, ब्रह्म चैतन्य गिरी, अच्युतानंद गिरी, स्वामी महेश योगी, मंगलगिरी, लखन स्वरूप, मीरापुरी, महेंद्र नंद, संजू शर्मा, विभू आदि मौजूद रहे।