फर्रुखाबाद। यातायात जागरूकता पखवाड़ा के तहत परिवहन और यातायात विभाग ने लालगेट पर जागरूकता अभियान चलाया। गोष्ठी में एआरटीओ प्रवर्तन ने यातायात का पाठ पढ़ाया। लोगों को हेलमेट व सीटबेल्ट के प्रयोग की शपथ दिलाई। इसके बाद एआरटीओ के सिपाही स्कूटी पर बिना हेलमेट के ही चल दिए। इससे सवाल उठता है कि जब जिम्मेदार ही बेपरवाह हैं, तो अन्य पर कैसे असर डाल पाएंगे।
रविवार दोपहर में एआरटीओ प्रवर्तन सुभाष चंद्र राजपूत, कादरीगेट इंस्पेक्टर विनोद शुक्ला, यातायात उपनिरीक्षक रजनेश कुमार ने लालगेट स्थित एक निजी बस अड्डा पर यातायात जागरुकता गोष्ठी की। वहां बसों, कारों, दोपहिया वाहनों के चालकों, परिचालकों और राहगीरों से एआरटीओ प्रवर्तन ने कहा कि जीवन अनमोल है। बाइक बिना हेलमेट और कार को बिना सीटबेल्ट लगाए कतई न चलाएं। हर वाहन चालक को यह खयाल रखना होगा कि घर पर माता-पिता, पत्नी और बच्चे इंतजार करते होंगे।
उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग जांच अभियान चलाता है, तो नियमों का पालन न करते पकड़े जाने पर काफी खराब लगता है, मगर जब हादसा होता है, तब समझ आता कि यदि हेलमेट अथवा सीटबेल्ट लगी होती, तो जीवन बच सकता था। यातायात उपनिरीक्षक रजनेश कुमार ने कहा कि वह किसी चालक को परेशान करना नहीं चाहते। मगर हम लोगों को उनके जीवन की फिक्र है। इसीलिए चेकिंग करके जुर्माना काटते हैं।
कार्यक्रम खत्म होते ही एआरटीओ प्रवर्तन के साथ चलने वाले दो सिपाही बिना हेलमेट और अन्य कार से रवाना हुए। चालक बिना सीटबेल्ट के ही चले गए। इसकी वहां मौजूद लोगों में खासी चर्चा रही। यहां बता दें कि यातायात का पाठ पढ़ाने वालों को सबसे पहले खुद उसका पालन करना चाहिए। तभी आम जनता पर सही असर पड़ेगा।