फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया जिला अस्पताल में चल रहे पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) नाकाफी साबित हो रहा है। कुपोषित बच्चों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। बुधवार को वार्ड फुल होने के बाद दो बच्चों को प्राइवेट वार्ड में भर्ती करना पड़ा। वेटिंग खत्म न होने से कुपोषण दूर करने में देरी हो रही है। अब चार बच्चों को अगले सप्ताह बुलाया गया है।
गर्भवती माताओं के खानपान और इलाज में बरती जा रही लापरवाही के चलते बच्चों में कुपोषण तेजी से बढ़ रहा है। लोहिया जिला अस्पताल के दूसरे तल पर बने एनआरसी वार्ड में 10 बेड की व्यवस्था है। कुपोषित बच्चों को भर्ती करके 14 दिन तक इलाज करके स्वस्थ किया जाता है। इन दिनों कुपोषित बच्चों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। लिहाजा वेटिंग लिस्ट खत्म नहीं हो रही है।
बुधवार को बच्चों की संख्या अधिक होने की वजह से वार्ड के सभी 10 बेड फुल होने के बाद दो प्राइवेट वार्ड खुलवाए गए। उनमें कूलर आदि की व्यवस्था करके दो बच्चों को भर्ती कर इलाज शुरू कराया गया। यही नहीं अभी भी चार बच्चे वेटिंग में चल रहे हैं। इन बच्चों को अगले सप्ताह बुलाया गया है।
एनआरसी वार्ड में पर्याप्त बेड न होने की वजह से कुपोषित बच्चों को समय से भर्ती करके इलाज नहीं मिल पा रहा है। एनआरसी वार्ड प्रभारी बालरोग विशेषज्ञ डॉ. विवेक सक्सेना ने बताया कि उन्होंने बेड बढ़ाने के लिए लिख दिया है। फिलहाल प्राइवेट वार्ड खुलवाकर भर्ती किया गया है। इन बच्चों को दूरदराज भर्ती नहीं किया जा सकता। क्योंकि उनकी डायट और दवाएं समय से देना बेहद जरूरी है।
भीषण गर्मी में बच्चों में डायरिया की बीमारी तेजी से बढ़ रही है। पीकू वार्ड में 11 बेड में से सात फुल हैं। यह सभी सात बच्चे उल्टी-दस्त से पीड़ित हैं। दो बच्चों में सुधार होने से तीमारदारों को छुट्टी के लिए कहा गया, मगर परिजन ले जाने को तैयार नहीं हुए। हालांकि इमरजेंसी पीडियाट्रिक वार्ड के छह बेडों पर भी बच्चों का इलाज किया जा रहा है।