शमसाबाद ब्लाक क्षेत्र के गांव कुइंयाखेड़ा में महिला को डेंगू की पुष्टि
हुई है। इसका इलाज जिला मुख्यालय स्थित नर्सिंग होम में हो रहा है। इससे
पहले नगला सेठ में डेंगू से एक युवक की मौत हो चुकी है। ब्लाक क्षेत्र में
डेंगू को लेकर लोगों में दहशत है। ग्रामीणों ने मांग की है कि गांव-गांव
जाकर चिकित्सीय टीम डेंगू की जांच करें।
गांव कुइंयाखेड़ा निवासी संजय
सिंह की पत्नी आरजू देवी को करीब एक हफ्ते से बुखार आ रहा था। संजय पत्नी
का कस्बे में ही इलाज करा रहे थे। शुक्रवार को उन्होंने पत्नी को जिला
मुख्यालय में नाला मछरट्टा स्थित नर्सिंग होम में डा. हरिदत्त द्विवेदी को
दिखाया। जांच में आरजू देवी को डेंगू होने की पुष्टि हुई। इस पर उन्हें
भर्ती कर लिया गया। रविवार को हालत में
सुधार होने पर महिला को छुट्टी दे
दी गई। संजय ने बताया कि रक्षाबंधन पर पत्नी मायके गई थी। वहीं पर उन्हें
बुखार आ गया। कस्बे में इलाज कराया लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। इस पर जिला
मुख्यालय स्थित नर्सिंग होम में दिखाया। यहां चिकित्सक ने डेंगू की पुष्टि
की।
बताते चलें कि शनिवार को गांव नगला सेठ निवासी रमेशचंद्र के पुत्र
प्रभात कुमार की डेंगू से मौत हो गई थी। ब्लाक क्षेत्र में डेंगू का यह
दूसरा मरीज सामने आया है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी
से मांग की है कि ब्लाक क्षेत्र में गांव-गांव चिकित्सीय टीम भेजकर डेंगू
की जांच करवाई जाए।
रजलामई में दो और को चिकनपाक्स
ब्लाक क्षेत्र के गांव रजलामई में दो और मरीज चिकनपाक्स के मिले हैं। बीते
दिन सूचना के बावजूद चिकित्सीय टीम के न पहुंचने को लेकर ग्रामीणों में
रोष है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी से मांग की है कि
गांव में डाक्टरों की टीम भेजी जाए।
गांव रजलामई में दर्शिका (3)
पुत्री अनूप कुमार, तनिष्का (4) पुत्री अनुज कुमार, सार्थक (5) पुत्र राजीव
कुमार और आंचल कुमारी पुत्री राजीव कुमार करीब एक हफ्ते से चिकनपाक्स से
पीड़ित थे। शनिवार को प्रधान नरेंद्र सिंह ने इसकी सूचना सीएचसी और भाकिमयू
जिलाध्यक्ष रामबहादुर राजपूत ने सीएमओ को दी थी। इसके बावजूद चिकित्सीय
टीम गांव नहीं
पहुंची। रविवार को गांव के हर्ष पुत्र नरेंद्र सिंह और
शिवानी पत्नी बंटी को चिकनपाक्स हो गया। गांव के बबलू गंगवार, लालू गंगवार,
अनूप कुमार, अनुज कुमार, पप्पू गंगवार और राजेश सिंह आदि का कहना है कि
गांव में रोग फैला है। सूचना के बावजूद डाक्टरों टीम अभी तक गांव नहीं आई
है। उधर, प्रधान नरेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
के
चिकित्साधीक्षक डा. धन सिंह से बात हुई है। उन्होंने शाम तक चिकित्सीय
टीम गांव भेजकर मरीजों की जांच कर दवा वितरित करवाने का भरोसा दिलाया है।