फर्रुखाबाद। ग्रामीण क्षेत्र के मीटरों में प्रोब बिलिंग में कमी पाई गई। अब तक मात्र साढ़े तीन प्रतिशत प्रोब बिलिंग किए जाने पर निदेशक ने अधिशासी अभियंता ग्रामीण को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं।
बिजली के बिलों में गड़बड़ी की शिकायत दूर करने के लिए विभाग ने प्रोब बिलिंग(मीटर से मशीन को जोडकर बिल बनाने की प्रक्रिया) के माध्यम से रीडिंग की व्यवस्था शुरू कर रखी है। इसके तहत मैनुअल मीटर रीडिंग करके बिल बनाने की बजाए मशीन को सीधे मीटर से जोड़कर रीडिंग ली जा रही है। इसी रीडिंग से ऑटोमैटिक बिल तैयार हो रहा है। इसके लिए मीटर रीडरों को प्रोब मशीन भी दी गई हैं। जिले के ग्रामीण क्षेत्र में प्रोब बिलिंग का प्रतिशत पांच प्रतिशत से भी नीचे चल रहा है। समीक्षा में पाया गया कि 27 नवंबर तक महज 3.37 प्रतिशत ही प्रोब बिलिंग हुई है।
इस पर दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निदेशक (वाणिज्य) अजय अग्रवाल ने अधिशासी अभियंता (वितरण ग्रामीण) को नोटिस भेजकर कहा कि बिलिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में शिथिलता बरता जाना गंभीर है। एक्सईएन ग्रामीण सुरेंद्र कुमार ने बताया कि वर्ष 2015 के पहले लगे अधिकतर मीटरों में प्रोब सक्सेस नहीं हो रहे हैं। इससे प्रोब बिलिंग में समस्या आ रही है। नोटिस का जवाब भी भेजा जाएगा। (संवाद)