फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम आगरा क्षेत्र में वर्ष 2011-12 में पीआरडी के फर्जी प्रमाण पत्रों से परिचालकों के पदों पर हुई फर्जी नियुक्तियों का मामला उच्च न्यायालय इलाहाबाद पहुंच गया है। हाईकोर्ट ने प्रबंध निदेशक समेत अन्य लोगों को नोटिस जारी किया है।
उप्र परिवहन निगम आगरा क्षेत्र में तत्कालीन क्षेत्रीय प्रबंधक आगरा नीरज सक्सेना ने 69 परिचालकों के पदों पर फर्जी पीआरडी प्रमाणपत्रों के आधार पर संविदा पर नियुक्तियां की थीं। इसमें फर्रुखाबाद जिले से भी लोगों की नियुक्ति हुई थी। इसकी शिकायत फर्रुखाबाद के चीफ कैशियर अनिल कुमार अग्रवाल ने की थी। जांच में मामला फर्जी पाया गया। कोर्ट के आदेश पर तत्कालीन क्षेत्रीय प्रबंधक आगरा नीरज सक्सेना व अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसका मुकदमा अभी चल रहा है।
विभागीय जांच में भी फर्जीवाड़ा पकड़ा गया था लेकिन नीरज सक्सेना के खिलाफ कोई विभागीय कार्रवाई नहीं हुई। 30 जून 2021 को नीरज सक्सेना सेवानिवृत्त हो रहे हैं। वह वर्तमान में क्षेत्रीय प्रबंधक सहारनपुर हैं। इसको लेकर आगरा के गांधी नगर निवासी सेवानिवृत्त चीफ कैशियर अनिल कुमार अग्रवाल ने उच्च न्यायालय में रिट दायर की। सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति ने परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक समेत अन्य लोगों को नोटिस जारी किया है।