20वें फर्रुखाबाद महोत्सव के अंतर्गत आयोजित फर्रुखाबाद संसद में नोटबंदी का मुद्दा छाया रहा। पक्ष व विपक्ष के नेताओं ने जमकर हंगामा किया। वहीं, इससे पहले हुई गायन प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अपने सुरों का जलवा बिखेरा। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और उनके वंशजों को सम्मानित किया गया।
फर्रुखाबाद महोत्सव के लिए संसद का गठन किया जाता है। जिसमें सभी पदाधिकारी प्रधानमंत्री, सभापति, गृहमंत्री की भूमिका में रहते हैं। पटेलपार्क में चल रहे महोत्सव में गुरुवार को संसद ने नोटबंदी का मुद्दा उठाया। विपक्ष के नेताओं का कहना था कि नोटबंदी ने सभी को लाइन में लाकर खड़ा कर दिया। किसानों का हाल बुरा हो गया।
आलू माटी के मोल बिका। नोट निकालने गए कई लोगों की लाइन में लगे-लगे मौत हो गई। इस पर सत्ता पक्ष के नेताओं ने कहा कि नोटबंदी से कालाधन रखने वालों पर लगाम लगी है। इसके दूरगामी परिणाम काफी बेहतर आएंगे। इसको लेकर पक्ष और विपक्ष में जमकर हंगामा हुआ। सभापति की भू्मिका निभा रहे अरुण प्रकाश तिवारी ददुआ ने जैसे-तैसे दोनों पक्षों को शांत किया।
पक्ष में प्रधानमंत्री की भूमिका अजीत यादव, गृहमंत्री की संजय गर्ग, प्रभात अवस्थी ने कृषि मंत्री की भूमिका निभाई। इसके साथ ही पक्ष में रमला राठौर, सुनीता गुप्ता, डा. योगराज सिंह और हरिश्चंद्र नागर आदि भी शामिल रहे। वहीं विपक्ष में योगेंद्र यादव, अतुल शर्मा, मनोज राठौर, राजगौरव पांडेय, डा. नीतू तोमर और कुसुम सिंह आदि बैठे।
वहीं, सीनियर व जूनियर वर्ग की गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जूनियर वर्ग में प्रियंका गिहार ने इतनी शक्ति हमें देना दाता, पूनम बाथम ने वह शक्ति हमें दो दया निधे, शिखर सैनी ने तू कितनी अच्छी है तू कितनी भोली ओ मां, वरुण सैनी ने मोहब्बत बरसा देना तू कि सावन आया है गीत गाया तो समूचा पांडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
सीनियर व जूनियर वर्ग में दो दर्जन से ज्यादा प्रतिभागियों ने अपने सुरों का जलवा बिखेरा। सरगम म्यूजिकल ग्रुप के कलाकार नीरज शुक्ल ने की-बोर्ड, अनुज ने गिटार, पिंटू ने नाल, गौरव ने पैड और अखिलेश ने कांगों पर संगत दी।