बैंकों की देहात में कारोबार करने की मंशा नहीं है। यही वजह है कि वह देहात
के अन बैंकिंग ( जिन इलाकों में किसी बैंक की कोई शाखा नहीं है ) इलाकों
में नई शाखाएं नहीं खोल रही हैं। इसके लिए अग्रणी जिला प्रबंधक के फरमानों
को भी ठेंगे पर रखा जा रहा है। 6 बैंकों को चालू वित्तीय वर्ष में 22
शाखाएं खोेलने का लक्ष्य दिया गया था। इनमें से एक भी शाखा शुरू नहीं हो
पाई है।
देहात के अन बैंकिंग इलाके के ग्रामीणों को लेन देन के लिए शहर
आना होता है। रकम लेकर दूरदराज के इलाकाें में आने जाने के दौरान लूट का
अंदेशा बना रहता है। देहात में इन नई शाखाओं के खुलने से गांव के लोगों को
भी बड़ी राहत मिल सकती थी।
बैंकों के हाकिमों के दिलचस्पी न लेने से 9 माह
में एक भी शाखा शुरू नहीं हो पाई है। अब लक्ष्य पूरा करने को तीन माह ही
बचे हैं। बैंकों के कोई प्रयास न करने से इस सत्र में इनके शुरू हो पाने के
आसार कम ही लग रहे हैं।
ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त का बैंक एनपीए मानक
से अधिक होने पर रिजर्व बैंक ने नई शाखाओं के लिए लाइसेंस ही निर्गत नहीं
किया है।
बाकी बैंकें नई शाखाएं खोलने को लेकर हाकिमों के फरमानों को धता
बता रही हैं। वित्तीय सत्र 2013-2014 में जिले को 12 नई बैंक शाखाएं खोलने
का लक्ष्य दिया गया था। इसे पूरा कर लिया गया था। इस साल यह उम्मीद पूरी
होती नहीं लग रही है।
लक्ष्य पर एक नजर
बैंक शाखा
भारतीय स्टेट बैंक 3
पंजाब नेशनल बैंक 7
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया 2
इलाहाबाद बैंक 3
इंडियन ओवरसीज बैंक 1
ग्रामीण बैंक ऑफ इंडिया 6
जिलाधिकारी
के निर्देश पर इन बैंकों के प्रशासनिक कार्यालयों को प्रस्तावित शाखाएं
खोले जाने के लिए चिट्ठियां भेजी गई थीं। इन्हाेंने अब तक कोई भी कार्रवाई
नहीं की है। इन्हें रिमाइंडर भेजे जाएंगे।
रवींद्र सिंह, अग्रणी जिला प्रबंधक
मेगा क्रेडिट कैं प 30 को
फर्रुखाबाद।
मेगा क्रेडिट कैंप 30 जनवरी को शहर के क्रिश्चियन इंटर कालेज के मैदान पर
आयोजित होगा। अग्रणी जिला प्रबंधक रवींद्र सिंह ने बताया कि कैंप में मौके
पर क्रेडिट कार्ड की पास बुकें व लोन दिया जाएगा। इसके लिए बैंक ों की
तैयारी चल रही है। शाखाएं पंजीयन कर कार्रवाई कर रही हैं। क्रेडिट कैंप में
113 बैंक शाखाएं भाग लेंगी।