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Farrukhabad News: एसएनसीयू में नहीं किया भर्ती, मासूम ने तोड़ा दम

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फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया महिला अस्पताल में संचालित विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) में शनिवार दोपहर में कासगंज के 15 दिन के नवजात ने इलाज न मिल पाने से दम तोड़ दिया। मां काफी देर शव गोद में लिए रोती रही। भतीजे ने इसकी पुलिस से शिकायत की। चौकी प्रभारी ने एसएनसीयू स्टाफ से बात की।
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कासगंज जिले के थाना सिकंदरपुर बैस के गांव बहोरा निवासी रजनेश शाक्य की पत्नी नेहा ने 12 अगस्त को पटियाली सीएचसी में बेटे को जन्म दिया था। शनिवार सुबह उसकी हालत खराब हुई, तो वह लोहिया अस्पताल लेकर पहुंची। इमरजेंसी से उसे एसएनसीयू में भेज दिया गया। वहां बच्चा डेढ़ माह का बताकर भर्ती करने से इन्कार कर दिया गया। दंपती और साथ में मौजूद भतीजा रंजीत शाक्य उसे दोबारा इमरजेंसी लेकर पहुंचा। वहां डॉक्टर ने हालत गंभीर देख बच्चे को ऑक्सीजन लगा दी। कुछ ही देर में बच्चे की सांसें थम गईं। इस पर मां चीखने लगी। काफी देर तक वह इमरजेंसी के बाहर बिलखती रही। रंजीत शाक्य ने बताया कि उन्होंने महिला अस्पताल के सीएमएस को भी जानकारी दी थी। उन्होंने जन्म का कोई प्रूफ न होने की बात कहकर फोन पर हड़काया। रंजीत ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी।
कुछ ही देर में चौकी प्रभारी पहुंचे। दंपती को एसएनसीयू ले जाया गया। वहां यूनिट प्रभारी डॉ. शिवाशीष उपाध्याय को बुलाया गया। यूनिट प्रभारी ने शिकायत मिलने पर भर्ती न करने वाले स्टाफ पर कार्रवाई का भरोसा दिया। रंजीत ने बताया कि वह इस मामले में उच्चाधिकारियों से शिकायत करेंगे। शाम पांच बजे के बाद शव घर लेकर चले गए। यूनिट प्रभारी डॉ. शिवाशीष उपाध्याय ने बताया कि 28 बच्चे भर्ती थे। परिजन उम्र का कोई प्रपत्र नहीं दे सके। फिर भी प्राथमिक उपचार देना चाहिए था। उन्होंने ड़्यूटी स्टाफ को चेतावनी दी है। भविष्य में बच्चे को प्राथमिक उपचार हर हाल में दिया जाएगा।
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