फर्रुखाबाद। शासनस्तर से की गई समीक्षा में जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुल गई। अक्तूबर में लोहिया महिला अस्पताल में एक भी मरीज का इलाज नहीं किया गया, जबकि पुरुष अस्पताल में 10 से कम आयुष्मान कार्ड धारकों काे इलाज मिला। मामले में सीएमओ की ओर से चेतावनी जारी की जाएगी।
सरकार की मंशा है कि गरीब भी अपना बेहतर इलाज करा सकें। इसके लिए आयुष्मान कार्ड पर पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही सरकारी व निजी अस्पतालों को योजना से जोड़ा गया। इससे गरीबों को आसानी से इलाज मिल सके। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने शुक्रवार को समीक्षा की तो अक्तूबर में डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल में किसी भी आयुष्मान कार्ड धारक को उपचार नहीं मिला। लोहिया पुरुष अस्पताल में 10 से भी कम आयुष्मान कार्ड धारक मरीज पाए गए। इस पर प्रमुख सचिव ने कड़ी नाराजगी जताई। सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार ने बताया कि आयुष्मान कार्ड धारकों को इलाज न मिलने के संबंध में लोहिया पुरुष व महिला अस्पताल के सीएमएस को चेतावनी पत्र जारी करेंगे। इसके बावजूद सुधार न होने पर कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।