जसमई स्थित खानकाह-ए-नूरिया में उर्स के कुल में शामिल लोग।
- फोटो : जसमई स्थित खानकाह-ए-नूरिया में उर्स के कुल में शामिल लोग।
फर्रुखाबाद। खानकाह-ए-नूरिया में चल रहे उर्स का कुल के साथ समापन हो गया। इसमें दूरदराज से आए जायरीनों ने हाजिरी लगाई। मंगलवार को चादर व गागर पेश की गई।
शहर के जसमई दरवाज़ा स्थित कदीमी खानकाह-ए-नूरिया में हजरत शाह नूर मोहम्मद उर्फ नूर उल्लाह शाह की दरगाह पर दो दिनी उर्स का आयोजन किया गया। मंगलवार को पहले दिन दूरदराज से आए जायरीनों ने हाजिरी लगाकर चादरपोशी की। इसके बाद गागर पेश करने की रश्म अदा की गईं। रातभर सजी महफिल में कव्वालों ने शमा बांध दिया।
बुधवार सुबह से ही अकीदतमंदों का पहुंचना शुरू हो गया। 10 बजे कुल व नज्र हुआ। इसके बाद प्रसाद वितरण के साथ उर्स का समापन हो गया। दरगाह के सज्जादानशीन हज़रत अताउल्लाह शाह उर्फ फुरकान मियां नूरी ने फातिहा के बाद मुल्क और तमाम जहां में अमन चैन कायम रहने की दुआ मांगी। हजरत फुरकान मियां ने कहा कि तिलावत करने और नमाज पढ़ने से आपके कल्ब की पाकीजगी होती है। आपके तमाम गुनाहों की मगफिरत होती है। उर्स के दौरान दूरदराज से आए हमुरीद और शहर के काफी लोगों ने हाजिरी लगाई।
व्यवस्था में शाह एहसान अली, शाह अशरफ अली, अजमत उल्लाह, नूर अहमद, रमजान, नितिन कुमार, विपिन कुमार, शमीम अहमद, अबू तालिब, हसीन अंसारी, अतीक, सलमान , अनीस खान, सागर श्रीवास्तव आदि का सहयोग रहा।