सत्ता परिवर्तन के साथ ही बढ़पुर विकास खंड की ब्लाक प्रमुख उर्मिला राजपूत की कुर्सी खतरे में पड़ गई है। बुधवार को ब्लाक प्रमुख के खिलाफ कुल 81 बीडीसी सदस्यों में से 67 ने हस्ताक्षर कर अविश्वास प्रस्ताव एडीएम आरबी सोनकर को सौंप दिया। जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने मतदान के लिए 28 जून की तारीख निर्धारित की है।
सपा सरकार में पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत ने पुत्र पंचशील की पत्नी उर्मिला राजपूत को सपा से चुनाव लड़ाकर बढ़पुर विकास खंड की ब्लाक प्रमुख की कुर्सी पर बैठाया था। बुधवार को पूर्व ब्लाक प्रमुख यशपाल सिंह यादव की पत्नी बीडीसी सदस्य रीता यादव के नेतृत्व में बीडीसी सदस्य सत्यपाल सिंह, उमेश, भगवती, संध्या, रिजवान, राजू, मालती देवी, ओम प्रभा, प्रवेश कुमार, नगीनादेवी, स्वदेश कुमार, अजय प्रकाश, वंदना, सुरेंद्र सिंह, सुधीर कुमार, रविंद्र राजपूत, सरोजनी, संगीता शाक्य, रामकुमार समेत 67 सदस्यों ने जिलाधिकारी को हलफनामा समेत अविश्वास प्रस्ताव दिया। सदस्यों ने ब्लाक प्रमुख पद के लिए दोबारा से चुनाव कराने की मांग की।
जिलाधिकारी ने पत्रावली तैयार कर जिला पंचायत राज अधिकारी गिरीश चंद्र के पास भेज दी है। उधर, मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष सत्यपाल सिंह ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव से पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है।
भाजपा नेताओं को मामले में शांत रहना चाहिए। सपा जिलाध्यक्ष नदीम फारुकी ने कहा कि स्थानीय स्तर पर मतभेद चल रहे हैं, जिससे नुकसान जरूर हो रहा है। इस रार को स्थानीय स्तर पर रोक पाना किसी के वश की बात नहीं है।