फर्रुखाबाद। जनपद में डेढ़ माह से सीडीओ नहीं है। कई विभाग उधार के अधिकारियों से अतिरिक्त प्रभार देकर चलाए जा रहे हैं। शासन से अधिकारियों की तैनाती नहीं की गई।
जनपद में अधिकारियों की खासी कमी है। मुख्य विकास अधिकारी एम.अरुन्मोली का 27 जनवरी को स्थानांतरण हो गया था। इसके बाद से जिले में सीडीओ की तैनाती न होने से डीडीओ के पास अतिरिक्त चार्ज है। 28 फरवरी को परियोजना निदेशक डीआरडीए रामसिंह सेवानिवृत्त हो गए। उनके पास श्रम उपायुक्त मनरेगा का भी चार्ज था। इससे ये दोनों पद रिक्त होने से यह चार्ज भी जिला विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार पाठक को ही दिए गए।
उनकी जिले में तैनाती रोजगार उपायुक्त के पद पर हुई थी। जिला विकास अधिकारी का चार्ज बाद में मिला था। अब उनके ऊपर पूरे विकास विभाग की जिम्मेदारी है। सीडीओ ओर पीडी के वित्तीय अधिकार जिलाधिकारी के पास हैं। इसके अलावा 31 दिसंबर को समाज कल्याण अधिकारी राजीव लोचन मिश्रा सेवानिवृत्त हुए थे। उनके स्थान पर भी किसी अधिकारी की तैनाती नहीं हुई। समाज कल्याण अधिकारी (विकास) को अतिरिक्त चार्ज दिया।
पिछड़ा वर्ग अधिकारी राजेश बघेल का तो करीब छह माह पूर्व स्थानांतरण हुआ था। इसके बाद से जिला प्रोबेशन अधिकारी अनिल चंद्र अतिरिक्त चार्ज लेकर विभागीय कार्य निपटा रहे हैं। शासन से अधिकारियों की तैनाती न किए जाने से यह विभाग उधार के अधिकारियों से चलाए जा रहे हैं। यदि सभी विभागों में रिक्त पदों पर अधिकारियों की तैनाती हो जाए तो विकास की रफ्तार बढ़ सकती है।
शासन को फिर लिखा पत्र
जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि जिले में सीडीओ की तैनाती के लिए उन्होंने फिर शासन को पत्र लिखा है। अन्य अधिकारियों की तैनाती के लिए भी मांग पत्र भेजा जा चुका है। रिक्त पदों पर अधिकारियों की तैनाती से विकास कार्यों की प्रगति बढ़ेगी।