खुले में बैठे प्राथमिक विद्यालय गलारपुर के बच्चे। संवाद
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स् राजेपुर ब्लॉक के गलारपुर गांव के प्राथमिक स्कूल में करीब ढाई वर्ष से भवन नहीं है और अतिरिक्त कक्ष में फर्नीचर भरा है। 180 बच्चे बाजार के मैदान पर बैठकर पढ़ाई करते हैं। साप्ताहिक बाजार वाले दिन ज्यादातर बच्चे लौट जाते हैं। एमडीएम की थाली में हवा के झोंके के साथ धूल और गंदगी भर जाती है
राजेपुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय गलारपुर भवन निष्प्रयोज्य घोषित कर वर्ष 2018 में ध्वस्त करा दिया था। इसके बाद नया भवन नहीं बनाया गया है। अतिरिक्त कक्ष में फर्नीचर भरा है।
स्कूल में 180 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। तीन शिक्षक व एक शिक्षामित्र बच्चों को स्कूल के सामने मैदान पर पढ़ाते हैं। मैदान पर ही सप्ताह में सोमवार और शुक्रवार को बाजार लगता है।
बाजार वाले दिन ज्यादातर बच्चे घर लौट जाते हैं। कुछ बच्चों को शिक्षक इधर-उधर बैठाकर पढ़ाते हैं। रसोई और शौचालय भी जर्जर हैं। रसोई में साफ-सफाई नहीं रहती है। बच्चे एमडीएम भी खुले में ही खाते हैं। हवा चलने पर बाजार की गंदगी बच्चों की थाली तक पहुंचती है।
जिस भूमि पर विद्यालय भवन बना था उसको लेकर विवाद है। लोक निर्माण विभाग भूमि पर अपना दावा करता है और बाजार कमेटी भूमि को अपना बताती है। विवाद के कारण वहां दूसरे निर्माण भी नहीं हो पा रहे हैं।
प्राथमिक विद्यालय गलारपुर के नए भवन का प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव पास होने पर भूमि तलाश कर नए भवन का निर्माण कराया जाएगा। -रमेश चंद्र जौहर,बीईओ राजेपुर