लांस नायक पवन कुमार को सलामी देते सूबेदार मेजर मक्खन सिंह।
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सिखलाईट रेजीमेंट में कार्यरत लांस नायक पवन कुमार (32) की बीमारी के दौरान सेना के अस्पताल में सोमवार को मौत हो गई। उसके शव को रेजीमेंट की ओर से सूबेदार मेजर शोक टोली के साथ लेकर पैतृक गांव पहुंचे, जहां राष्ट्रीय सम्मान के साथ सैैैैैैैैनिक को पंचतत्व में विलीन कर दिया गया।
थाना कमालगंज के गांव टढ़ौआ के रहने वाले पवन कुमार राजपूत पुत्र शिवचरन वर्ष 2003 में सिखलाईट रेजीमेंट में फतेहगढ़ सेंटर से भर्ती हुआ था। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उसे पहली पोस्टिंग में दक्षिण अफ्रीका भेज दिया गया। इसके बाद ग्लेशियर पर उसकी पोस्टिंग कर दी गई। एक साल पहले ग्लेशियर में ड्यूटी करते समय उसका लिवर डैमेज हो गया।
नतीजतन उसे सेना के अस्पताल चंडीगढ़ में भर्ती कराया गया। कोई आराम न मिलने पर इस सैनिक को सेना के दिल्ली अस्पताल भेजा गया और इसके बाद उसे सैन्य हास्पिटल लखनऊ में भर्ती कराया गया। इसके बाद उसे आर्मी हास्पिटल फतेहगढ़ भेज दिया गया। विभिन्न अस्पतालों में एक साल तक इलाज चलने के बाद लांस नायक पवन कुमार ने 8 अगस्त 2016 को दम तोड़ दिया।
लायंस नायक पवन कुमार के शव को रेजीमेंट की ओर से सूबेदार मेजर मक्खन सिंह शोक टोली को साथ लेकर उसके पैतृक गांव टढ़ौआ पहुंचे। यहां सैनिक के पुत्र युवराज (6) ने उसे मुखाग्नि दी। इससे पहले रेजीमेंट की ओर से सूबेदार मेजर मक्खन सिंह ने पुष्पचक्र चढ़ाकर श्रद्घांजलि दी। शोक टोली में गार्ड आफ ऑनर की सलामी देकर शोक में शस्त्र नीचे झुका लिए।
सूबेदार मेजर मक्खन सिंह ने मृतक सैनिक पवन कुमार के भाई अरुण कुमार को तिरंगा भेंट किया। इस दौरान सैनिक पवन कुमार के अंतिम दर्शन करने के लिए भारी भीड़ जमा हो गई।