फर्रुखाबाद। लोहिया महिला अस्पताल के एसएनसीयू में 15 अगस्त से भर्ती नवजात की इलाज के दौरान देर शाम मौत हो गई। परिजन ने गार्ड की मनमानी और स्टॉफ की लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। थानाध्यक्ष ने परिजनों को समझाया, मगर वह कार्रवाई करने पर अड़ गए।
शाहजहांपुर जिले के थाना व कस्बा जलालाबाद के मोहल्ला कटरा मोहम्मद जई निवासी मोहित भदौरिया की पत्नी तन्नू सिंह ने 14 अगस्त को निजी अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था। तबीयत खराब होने पर परिजन ने उसे लोहिया महिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती कराया। मंगलवार देर शाम नवजात की हालत बिगड़ गई। परिजन ने बच्चे को देखने का प्रयास किया। आरोप है कि तैनात गार्ड ने करीब आधा घंटे तक नहीं घुसने दिया। यही नहीं इस दौरान बच्चे को देखने यूनिट प्रभारी भी समय से नहीं पहुंचे।
प्रभारी डा. शिवाशीष उपाध्याय के पहुंचने पर परिजन बिफर गए और हंगामा कर दिया। थानाध्यक्ष कपिल कुमार ने परिजन से तहरीर देने और नवजात का पोस्टमार्टम कराने की बात कही तो वे मुकर गए। उन्होंने लापरवाह स्टॉफ व गार्ड पर कार्रवाई की मांग की। देर रात तक यूनिट में विवाद चलता रहा।
एसएनसीयू प्रभारी डा. शिवाशीष उपाध्याय ने बताया कि बच्चा जन्म लेने पर रोया नहीं था, लिहाजा उसको शॉक जैसी शिकायत थी। यूनिट में 30-30 बच्चों को भर्ती करके इलाज करते हैं। लापरवाही का सवाल ही नहीं है। यदि गार्ड ने अंदर आने से रोका तो वह सीएमएस को रिपोर्ट भेज कर हटवा देंगे।