सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नर्स की लापरवाही से नवजात शिशु की मौत और
उस पर रिश्वत मांगने के आरोप की जांच में स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने
लीपापोती शुरू कर दी है। सीएमओ ने नर्स को लेबर रूम से हटाने का आदेश
प्रभारी चिकित्साधिकारी को दिया है। पीड़ित परिवार को नर्स को रिश्वत दिए
जाने के सबूत देने को कहा गया।
मोहल्ला इंद्रा नगर निवासी रवी कुमार
ने पत्नी सीमा देवी को प्रसव पीड़ा होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
कमालगंज पर रविवार की दोपहर करीब दो बजे भर्ती कराया था। शाम 5.30 बजे सीमा
ने पुत्र को जन्म दिया। नवजात शिशु के प्लसेंटा से खून आना बंद नहीं हुआ।
नर्स ने डाक्टर को इसकी जानकारी दिए बगैर मां को बच्चे के साथ लोहिया रेफर
कर दिया। लोहिया अस्पताल में नवजात की मौत हो गई। इसकी शिकायत सीएमओ से की
गई। रवी ने स्वास्थ्य केंद्र की नर्स आशा मिश्रा और दाई पर रिश्वत लेने का
आरोप लगाया। इन्हाेंने नर्स की लापरवाही में शिशु की मौत होने का आरोप
लगाया।
सोमवार को सीएमओ राकेश कुमार इसकी जांच करने सामुदायिक स्वास्थ्य
केंद्र पर पहुंचे। स्टाफ नर्स ने कहा कि शिशु के प्लेसेंटा का खून रोकने के
लिए सामग्री नहीं थी। प्रभारी चिकित्साधिकारी मानसिंह ने महिला डाक्टर
न होने की सीएमओ को जानकारी दी। सीएमओ ने कहा कि महिला डाक्टर की शीघ्र
तैनाती की जाएगी। नर्स आशा मिश्रा को लेबर रूम से हटाने के उन्हाेंने आदेश
दिए।
सीमा की सास सुदामा ने सीएमओ से कहा कि नर्स ने खुद प्रसव न कराकर
सफाई कर्मी लड़की से कराया था। नर्स ने सात और दाई ने दो सौ रुपये रिश्वत
के लिए। इस पर सीएमओ ने सीमा के परिजनों से रिश्वत लेने का सबूत दिखाने को
कहा। यहीं भर्ती श्यामवीर की पत्नी सरस्वती ने भी सीएमओ से दूसरी नर्स और
दाई पर रिश्वत लेने का आरोप लगाते हुए शिकायत की।
सीएमओ ने शिकायताें की
अनसुनी कर दी। सीएमओ ने एसएमओ चंद्रशेखर को शिशु की मौत होने के मामले की
जांच करने के आदेश दिए।