कमालगंज। डेढ़ घंटे से अधिक समय तक हुई मूसलाधार बारिश ने किसानों में और भी मायूसी भर दी। वह न तो मक्का काट पा रहे हैं और न ही बरसात वाली फसल की बुआई कर पा रहे हैं। मूंगफली भी किल्ला दे रही है।
दोपहर दो बजे से क्षेत्र में जबरदस्त बारिश हुई। इससे खेतों में जो नमी कम हुई थी। वह पानी की भेंट चढ़ गई। जिन किसानों ने बरसात वाली मक्का का बीज खरीद कर रख लिया है। वह मक्का नहीं बो पा रहे हैं। खाद भी नमी पकड़ रही है। जिन खेतों में मक्का अभी खड़ी है उसकी कटाई नहीं हो पा रही है। दाना वाली मक्का जो सूख रही थी, वह भी एकाएक मूसलाधार पानी से भीग गई। ककरैया गांव निवासी उन्नतशील किसान व बीज उत्पादक शरद कुमार का कहना है कि करीब 15 दिन से बारिश हो रही है। मक्का किसान तो मुसीबत में घिरे ही हैं, मूंगफली वाले किसानों का भी चैन छिन गया है। जो मूंगफली खुद नहीं पाई, उसमें खेत में ही किल्ला (अंकुरित) निकलने लगा। दाना भी फूट रहा है। जिस तरह से पानी बरसा उससे 10 दिन बुवाई हो पाना मुश्किल है।