फर्रुखाबाद। वक्फ भूमि पर निर्माण कराने के मामले में सांसद ने शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन से शिकायत की। वक्फ बोर्ड के प्रशासनिक अधिकारी ने जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
भाजपा सांसद मुकेश राजपूत ने शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन से 23 जून को शिकायत की। कहा कि शहर के लोहाई रोड स्थित वक्फ संख्या 173 हकीम अकबर हुसैन पर अवैध कब्जा किया जा रहा है। इस पर उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के प्रशासनिक अधिकारी सै.हसन रजा रिजवी ने छह जुलाई को जिलाधिकारी/ अपर वक्फ आयुक्त को पत्र जारी किया। इसमें कहा कि वक्फ संपत्ति की सुरक्षा की दृष्टि से अवैध कब्जे की जांच कराने के साथ ही कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारी को निर्देशित करें। इससे पहले वक्फ भूमि के मुतबल्ली शहर के मोहल्ला ख्याबाने शाही निवासी काजी जफर शाह रिजवी ने शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष से शिकायत की थी। कहा कि सात जुलाई 1926 को हकीम सय्यद अकबर हुसैन खां ने वक्फ स्थापित की थी। वक्फ संपत्ति के दो नंबर 1943 से 1947 तक नगरपालिका के पहले असेसमेंट में दर्ज है। इसके एक भाग में हकीम सय्यद अतहर हुसैन 120 रुपये वार्षिक पर किराएदार थे। वर्ष 2000 में उनकी मृत्यु के बाद फर्जी बैनामे का सिलसिला शुरू हो गया। वर्ष 2015 में उन्हें वक्फ बोर्ड से मुतबल्ली बनाया गया। उन्होंने अवैध कब्जा रुकवाया। वक्फ भूमि का पहला बैनामा 1962 में दर्शाया गया। उस दौरान वक्फ भूमि की कीमत नौ हजार रुपये दर्शाई गई, जबकि वर्ष 1926 में भूमि की कीमत 20 हजार रुपये थी। इस भूमि को बैनामा से दूर रखा गया था। अब प्रशासन की मिलीभगत से पूर्व एमएलसी मनोज अग्रवाल व उनके भाई मधुप अग्रवाल किसी फर्जी बैनामे के आधार पर निर्माण कर रहे हैं। 10 फिट गहरा मिट्टी खनन किया गया।
वक्फ भूमि के मुतबल्ली काजी जफर शाह रिजवी की शिकायत पर 31 अगस्त 2017 को वक्फ बोर्ड ने पूर्व एमएलसी मनोज अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए थे। राजनीतिक प्रभाव के चलते प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की। वर्ष 2021 में वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालक ने दोनों पक्षों को सुनवाई के लिए बुलाया। इस दौरान इंस्पेक्टर ने वर्ष 1962 व 2002-03 के बैनामा की दो कापियां दिखाईं। इसके बाद मात्र एक वकील से विधिक राय लेकर फाइल बंद कर दी गई। इससे वक्फ का वजूद खत्म हो रहा है। गत माह 17 जून को मनोज अग्रवाल ने फाटक बंद कर अंदर से निर्माण शुरू करा दिया। उन्होंने वक्फ संपत्ति पर निर्माण रुकवाने की मांग की थी। हालांकि मुतबल्ली की शिकायत पर शहर कोतवाल ने पूर्व एमएलसी की ओर से वक्फ भूमि पर कब्जे का मामला न्यायालय से निस्तारित होने की बात कहकर रिपोर्ट एसपी को भेज दी थी।
पूर्व एमएलसी मनोज अग्रवाल ने बताया कि मामले में बेवजह उनको फंसाने की साजिश की जा रही है। वक्फ टी-175 लोहाई रोड स्थित संपत्ति को बेचने के लिए तत्कालीन मुतवल्ली ने जिला जज को 14 अगस्त 1956 को प्रार्थना पत्र देकर भूमि विक्रय करने की अनुमति मांगी थी। उस पर 21 जनवरी 1957 को विक्रय का अधिकार मिल गया था। वक्फ बोर्ड के गठन से पहले संपत्ति बेचने की अनुमति का अधिकार जिला जज के पास था। जिला जज की अनुमति मिलने के बाद तत्कालिक मुतवल्ली ने 10 अगस्त 1962 को राधेमोहन, लक्ष्मण बाबू आदि के हक में बैनामा कर दिया था। बैनामे में जिला जज की अनुमति का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है। वर्तमान मुतवल्ली ने भी शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड को भेजे गए शिकायती पत्र में इसका जिक्र किया है।
जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि वक्फ भूमि के संबंध में शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड से आदेश आने की जानकारी मिली है। वक्फ बोर्ड के आदेशानुसार जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी।