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Farrukhabad News: सीडीओ के सामने जननी सुरक्षा योजना की खुली पोल

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फर्रुखाबाद। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में सीडीओ के सामने जननी सुरक्षा योजना की पोल ही खुल गई। प्रसूताओं को न तो अस्पताल में भोजन मिल रहा और न ही नाश्ता। इसके बावजूद बिल बनाने पर जोर दिया जा रहा है। बिना बिल के 11 लाख रुपये डीजल खर्च का अनुमोदन देने से सीडीओ ने मना कर फाइल वापस कर दी।
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कलक्ट्रेट सभागार में सीडीओ एम.अरून्मोली ने स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की तो हकीकत सामने आ गई। जननी सुरक्षा योजना के तहत अस्पतालों में प्रसूताओं को 48 घंटे रोका ही नहीं जा रहा है। उन्हें न तो भोजन दिया जाता और न ही नाश्ता। यह बात सामने आई तो सीएसची प्रभारियों ने ठेकेदार की ओर से भोजन न भेजने की बात कही।
इस पर एसीएमओ डॉ.रंजन गौतम ने कहा कि दूध-ब्रेड व अंडे तो दिए ही जाते होंगे, उसका बिल भी बना लो। सीएचसी प्रभारियों ने सिर हिलाते हुए कहा कि ठीक है बिल तैयार कर लिए जाएंगे। विभिन्न कार्यक्रमों में आशाओं का भुगतान व प्रसूताओं की धनराशि का भुगतान भी लंबित होने पर सीडीओ ने नाराजगी जताई। पुरुष नसबंदी, टीकाकरण, आयुष्मान की प्रगति भी काफी खराब मिली।
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भुगतान में लापरवाही पर सीडीओ ने मोहम्मदाबाद सीएचसी के बीसीपीएम प्रदीप कुमार का वेतन रोकने के आदेश दिए। इसके साथ ही शमसाबाद सीएचसी के एमओआईसी को सुधार करने की चेतावनी दी। सीडीओ ने कहा कि सिविल अस्पताल लिंजीगंज का वह निरीक्षण करने गईं तो कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था।
इसी से उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं का अंदाजा लगा लिया। इस पर सीएमओ सहित सभी अधिकारी चुप्पी साध गए। समीक्षा के बाद स्वास्थ्य विभाग के वाहनों पर 11 लाख रुपये डीजल खर्च का भुगतान के लिए सीडीओ के सामने अनुमोदन की फाइल रखी गई। सीडीओ ने डीजल के बिल मांगे तो स्वास्थ्य अधिकारी मुंह ताकने लगे। इस पर सीडीओ ने अनुमोदन देने से मना कर फाइल लौटा दी। सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार, एसीएमओ डॉ.रंजन गौतम, डॉ.दलवीर सिंह, डॉ.हनी मल्होत्रा, डॉ.प्रभात वर्मा, डॉ.दीपक कटारिया आदि मौजूद रहे।
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